हरियाणा में खत्म हो सकती है सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, सरकार ने मानी बड़ी मांगें

हरियाणा सरकार ने सफाई और अग्निशमन कर्मचारियों की कई मांगें मान ली हैं। वेतन बढ़ोतरी और नियमितीकरण पर सहमति के बाद हड़ताल खत्म होने की संभावना बढ़ गई है।

हरियाणा में खत्म हो सकती है सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, सरकार ने मानी बड़ी मांगें
  • हरियाणा सरकार सफाई और अग्निशमन कर्मचारियों की कई मांगें मानने पर सहमत
  • ठेका सफाई कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 15,220 रुपये करने पर बनी सहमति
  • रोहतक बैठक के बाद हड़ताल खत्म करने पर लिया जा सकता है बड़ा फैसला

हरियाणा में पिछले कई दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों और अग्निशमन विभाग कर्मचारियों की हड़ताल अब खत्म होने की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। प्रदेश सरकार ने दोनों विभागों के कर्मचारियों की करीब एक दर्जन मांगों को मानने पर सहमति जता दी है। इसके बाद कर्मचारी संगठनों ने वीरवार को रोहतक में बड़ी बैठक बुला ली है, जिसमें हड़ताल वापस लेने पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

बुधवार को हरियाणा निवास में शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और प्रधान सचिव अरुण गुप्ता के साथ करीब छह घंटे तक दो चरणों में लंबी वार्ता चली। इस दौरान नगर पालिका कर्मचारी संघ और अग्निशमन कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों की समस्याएं और मांगें सरकार के सामने विस्तार से रखीं।

बैठक में नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, महासचिव मांगेराम, अग्निशमन कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिनद और महासचिव गुलशन भारद्वाज सहित कई नेता मौजूद रहे। सरकार की ओर से भरोसा दिलाया गया कि अधिकांश मांगों को 30 जून तक पूरा कर दिया जाएगा।

वार्ता के दौरान सबसे बड़ा फैसला ठेका सफाई कर्मचारियों के वेतन को लेकर हुआ। सरकार ने न्यूनतम वेतन 15 हजार 220 रुपये करने पर सहमति दी है। फिलहाल कर्मचारियों को सात से आठ हजार रुपये तक ही वेतन मिल रहा था। इसके अलावा वेतन सीधे बैंक खातों में भेजा जाएगा और ठेकेदारों की गड़बड़ी पाए जाने पर उनका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकेगा।

सरकार ने सफाई कर्मचारियों को ईएसआई और ईपीएफ का लाभ देने का भी आश्वासन दिया है। वहीं स्वीपिंग कार्य में लगे कर्मचारियों को तेल और साबुन जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बैठक में फरीदाबाद के उन 111 कर्मचारियों को पक्का करने पर भी सहमति बनी, जिन्होंने हाई कोर्ट में केस जीता था। इसके अलावा करीब 150 अन्य कर्मचारियों को भी नियमित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

सरकार ने कर्मचारियों की मृत्यु पर मिलने वाली सहायता राशि को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का निर्णय लिया है। साथ ही आश्रितों के लिए 25 साल की आयु सीमा की शर्त भी हटाई जाएगी। युक्तीकरण नीति के तहत चार से साढ़े चार हजार नए पद बनाए जाएंगे, जिससे करीब 900 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

दूसरी तरफ अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को लेकर भी कई अहम फैसले हुए हैं। फरीदाबाद हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये की सहायता राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने पर सहमति बनी है।

सरकार ने पे-रोल पर कार्यरत 1250 अग्निशमन कर्मचारियों को पक्का करने का भरोसा भी दिया है। भर्ती में आयु सीमा और सीटेट की शर्तों में छूट दी जाएगी। इसके अलावा वर्दी और जोखिम भत्ते के रूप में पांच-पांच हजार रुपये देने के लिए फाइल आगे बढ़ा दी गई है।

ऑनलाइन ट्रांसफर नीति में भी कर्मचारियों को राहत देने की बात कही गई है। भर्ती के लिए पहले निकाले गए पद वापस लेकर पालिकाओं में रोल पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की तैयारी है। इससे करीब 13 हजार कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

इधर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से बिगड़ी सफाई व्यवस्था का मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंच गया है। कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया की जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने सुनवाई स्वीकार कर ली है। याचिका में शहरों में जमा कूड़ा हटाने, सफाई व्यवस्था बहाल करने और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए तुरंत हस्तक्षेप की मांग की गई है। इस मामले पर वीरवार को सुनवाई होगी।

याचिका में राज्य सरकार, नगर निगमों, नगर पालिकाओं और स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए सफाई सेवाएं तुरंत शुरू कराने के निर्देश देने की मांग की गई है।