रोहतक की एमडीयू में महिलाओं के साथ अपमानजनक व्यवहार, सुपरवाइजर सस्पेंड

रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में महिला सफाई कर्मियों ने सुपरवाइजर पर माहवारी के दौरान अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया। जांच के नाम पर कपड़े उतरवाने और फोटो लेने से मचा हंगामा। आरोपी सुपरवाइजर को सस्पेंड कर जांच शुरू।

रोहतक की एमडीयू में महिलाओं के साथ अपमानजनक व्यवहार, सुपरवाइजर सस्पेंड

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में महिला कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप
सुपरवाइजर ने माहवारी जांच के नाम पर उतरवाए कपड़े, खींची फोटो
हंगामा बढ़ा तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सुपरवाइजर को किया सस्पेंड


रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में मंगलवार को महिला सफाई कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच गंभीर विवाद और हंगामा हो गया। महिला कर्मियों ने आरोप लगाया है कि एक सुपरवाइजर ने माहवारी (पीरियड्स) के चलते गलत व्यवहार किया और जांच के नाम पर महिला कर्मियों से कपड़े उतरवाकर उनकी फोटो खींची। मामला सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मच गया और आरोपी सुपरवाइजर को तत्काल निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया।

घटना के बाद महिला कर्मियों ने कुलसचिव और उच्च अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने कहा कि वे स्वास्थ्य कारणों से कुछ देर का आराम चाह रही थीं, लेकिन सुपरवाइजर ने उनकी बात सुनने के बजाय अमानवीय व्यवहार किया। आरोप है कि सुपरवाइजर ने एक महिला सुरक्षा कर्मी की मदद से दो महिला सफाईकर्मियों की सलवार उतरवाकर जांच करवाई और उनकी फोटो ली। जब इस पर आपत्ति जताई गई तो धमकी दी गई कि यह जांच असिस्टेंट रजिस्ट्रार के आदेश पर की जा रही है

इसके बाद महिला कर्मचारियों ने विरोध जताया और यूनिवर्सिटी कैंपस में हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंचे छात्र संगठनों ने भी महिला कर्मियों के समर्थन में नारेबाजी की और आरोपी सुपरवाइजर पर एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंची डायल-112 पुलिस टीम ने हालात को काबू में लिया।

एमडीयू के कुलसचिव के.के. गुप्ता ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है। उन्होंने कहा, “हमने आरोपी सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। एक आंतरिक जांच समिति गठित की गई है जो इस पूरे प्रकरण की जांच करेगी। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जाएगी।”

गुप्ता ने यह भी कहा कि “एमडीयू में महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस तरह की कोई भी घटना हुई तो कठोर कार्रवाई होगी।”