आधी रात बिना वर्दी पहुंचे पुलिसकर्मी, सीटू सचिव के घर क्राइम ब्रांच का छापा
रोहतक में सीटू जिला सचिव के घर क्राइम ब्रांच की बिना वर्दी और सूचना के रेड का आरोप लगा है, जिससे परिवार 8 घंटे तक दहशत में रहा, जांच की मांग उठी।
➤ रोहतक में सीटू नेता के घर आधी रात क्राइम ब्रांच की रेड का आरोप
➤ बिना वर्दी और सूचना पहुंचे पुलिसकर्मी, 8 घंटे दहशत में रहा परिवार
➤ जनसंगठनों ने जताया विरोध, जांच नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
हरियाणा के रोहतक में पुलिस कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहां सीटू जिला सचिव विनोद के घर पर क्राइम ब्रांच मानेसर की टीम द्वारा बिना वर्दी और बिना सूचना के रेड मारने के आरोप लगे हैं। इस घटना के बाद परिवार करीब 8 घंटे तक दहशत में रहा।
मिली जानकारी के अनुसार, शहर के शीला बाइपास क्षेत्र में स्थित विनोद के घर सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे कुछ लोग सादी वर्दी में पहुंचे। आरोप है कि ये लोग बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी में आए थे और खुद को पुलिस बता रहे थे। जब घर का दरवाजा नहीं खोला गया तो उन्होंने गेट तोड़ने का प्रयास भी किया।
परिवार का आरोप है कि पुलिस टीम ने उन्हें यह तक नहीं बताया कि वह किस मामले में जांच के लिए आई है। उस समय घर में केवल विनोद की पत्नी और छह साल की बेटी मौजूद थीं, जो पूरी रात भय के माहौल में रहीं। बताया गया कि टीम मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे वहां से रवाना हुई।
विनोद ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उनके साले को भी साथ लेकर आए थे और घर खुलवाने की कोशिश कर रहे थे। जब उनसे कार्रवाई का कारण पूछा गया तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। बाद में टीम ने स्थानीय पुलिस से संपर्क कर महिला पुलिसकर्मियों को भी बुलाया, लेकिन रेड का कारण स्पष्ट नहीं किया गया।
विनोद का कहना है कि उनके खिलाफ न तो कोई केस दर्ज है और न ही कोई नोटिस दिया गया है। उन्होंने इस कार्रवाई को पुलिस की मनमानी और गुंडागर्दी करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वह किराए के मकान में रहते हैं और इस तरह की घटनाओं से उन्हें रहने के लिए घर मिलने में भी परेशानी होगी।
इस मामले को लेकर विभिन्न जनसंगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। एक प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष यादव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष यादव ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। वहीं जनसंगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
Akhil Mahajan