क्यों दिया जा रहा है भाव? 'हुड्डा का नाम मिटा दो...', बैठक में अधिकारियों पर भड़के अनिल विज
यमुनानगर कष्ट निवारण समिति की बैठक में ‘हुडा सेक्टर-17’ नाम पर अनिल विज ने आपत्ति जताई और अधिकारियों से पुराने नाम की जगह एचएसवीपी इस्तेमाल करने को कहा।
➤ एजेंडे में ‘हुड्डा सेक्टर-17’ लिखा देखकर अनिल विज ने अधिकारियों से मांगा जवाब
➤ मंत्री ने पुराने नाम की जगह हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का नाम इस्तेमाल करने को कहा
➤ सेक्टर-17 मार्केट में जर्जर शौचालयों के पुनर्निर्माण की शिकायत पर भी हुई सुनवाई
हरियाणा के यमुनानगर में शुक्रवार को आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने एजेंडे में ‘हुड्डा सेक्टर-17’ लिखे होने पर अधिकारियों से सवाल किया और पुराने नाम के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। बैठक के दौरान विज ने अधिकारियों से पूछा कि जब संबंधित प्राधिकरण का नाम बदलकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कर दिया गया है, तो सेक्टर और अन्य स्थानों के नाम में अभी भी ‘हुडा’ क्यों लिखा जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां-जहां सेक्टर और कार्यालयों में ‘हुडा’ लिखा है, वहां से यह नाम हटाया जाए।
मंत्री ने अधिकारियों से यह भी पूछा कि पुराने नाम को बिना मतलब क्यों महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब प्राधिकरण का नाम बदल दिया गया है, तो पुराने नाम का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। बैठक में अधिकारियों से इस संबंध में जवाब मांगा गया, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार वे स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद विज ने शहरी विकास से जुड़े सेक्टरों में जहां भी ‘हुडा’ लिखा है, वहां से नाम हटाने के निर्देश दिए।
‘क्या यह सेक्टर भूपेंद्र सिंह हुड्डा का है?’
बैठक के एजेंडे में ‘हुड्डा सेक्टर-17’ लिखा देखकर अनिल विज ने अधिकारियों से पूछा कि क्या यह सेक्टर भूपेंद्र सिंह हुड्डा का है। इसके बाद उन्होंने प्राधिकरण के बदले हुए नाम का इस्तेमाल करने पर जोर दिया।
विज ने अधिकारियों से कहा कि जहां भी सेक्टर या दफ्तर के नाम में ‘हुडा’ लिखा हुआ है, वहां से इसे हटाया जाए। उन्होंने पुराने नाम के इस्तेमाल को लेकर अधिकारियों से जवाब भी मांगा।
सेक्टर-17 में शौचालय निर्माण की शिकायत पर सुनवाई
‘हुडा सेक्टर-17’ का मुद्दा सेक्टर-17 मार्केट नंबर एक में शौचालय निर्माण से जुड़ी शिकायत की सुनवाई के दौरान सामने आया। शिकायतकर्ता गुरुदेव सिंह वालिया एडवोकेट ने शिकायत में कहा था कि मार्केट नंबर एक के दोनों पुराने बाथरूम तोड़कर बीच के 20 फुट रास्ते में मिलाकर नए बाथरूम बनाए जाने हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार इससे दुकानों तक जाने वाला रास्ता बंद हो जाएगा।
शिकायतकर्ता ने मांग की थी कि नए शौचालयों का निर्माण निर्धारित जमीन पर ही किया जाए, ताकि दुकानों तक आने-जाने का रास्ता प्रभावित न हो।
सेक्टर-17 मार्केट का रखरखाव नगर निगम के पास
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, यमुनानगर के सम्पदा अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सेक्टर-17 की मार्केट का रखरखाव नगर निगम यमुनानगर द्वारा किया जा रहा है। इसलिए मामले में की गई कार्रवाई और स्थिति रिपोर्ट नगर निगम से प्राप्त करने की बात कही गई।
वहीं, नगर निगम आयुक्त की 22 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार मार्केट नंबर एक में स्वच्छ भारत अभियान के तहत पहले बनाए गए शौचालय काफी जर्जर हालत में हैं। इन्हें तोड़कर नए शौचालयों का निर्माण किया जाना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक नए शौचालयों का निर्माण सम्पदा अधिकारी, एचएसवीपी, जगाधरी की ओर से उपलब्ध कराई गई पैमाइश और सरकार की हिदायतों के अनुसार किया जाएगा। इस तरह बैठक में एक तरफ सेक्टर-17 के नाम में ‘हुडा’ के इस्तेमाल का मुद्दा उठा, वहीं दूसरी तरफ मार्केट के शौचालयों के निर्माण और उनके लिए निर्धारित जमीन से जुड़ी शिकायत पर भी अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट की गई।
Akhil Mahajan