हरियाणा में बागड़ धाम जा रहे श्रद्धालुओं की ट्रॉली पलटी, 6 की मौ*त

कुरुक्षेत्र के पिंडारसी में बागड़ धाम जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, 10 से ज्यादा घायल हुए, पुलिस जांच जारी है

हरियाणा में बागड़ धाम जा रहे श्रद्धालुओं की ट्रॉली पलटी, 6 की मौ*त

बागड़ धाम जा रहे श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रॉली पिंडारसी में पलटी, 6 की मौत

➤ 7 साल के हर्ष और डेढ़ साल की सीरत समेत कई परिवारों ने अपनों को खोया

➤ ऑस्ट्रेलिया से कुछ दिन पहले लौटे ड्राइवर की पत्नी की भी हादसे में मौत

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में गुरुवार दोपहर बागड़ धाम जाने की खुशी में निकले कई परिवारों का सफर पिंडारसी के पास हुए दर्दनाक हादसे में मातम में बदल गया। कुरुक्षेत्र-कैथल रोड पर श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में 7 साल के हर्ष और डेढ़ साल की सीरत समेत 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसे में 10 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

घायलों में राजकुमारी (60) की हालत गंभीर बताई गई है। उन्हें चंडीगढ़ 32 सेक्टर के अस्पताल में रेफर किया गया है। इस हादसे ने कई परिवारों को ऐसा जख्म दिया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। किसी परिवार ने अपना इकलौता बेटा खो दिया तो कहीं मां-बेटी की एक साथ मौत हो गई। वहीं दो सगी बहनों की भी जान चली गई।

बागड़ धाम में माथा टेकने के लिए निकले थे परिवार

कलाल माजरा गांव से हर साल कई परिवार राजस्थान के बागड़ धाम जाते हैं। इस बार भी गांव से कई परिवार अपने रिश्तेदारों को साथ लेकर जाहरवीर गोगाजी के दरबार में माथा टेकने के लिए निकले थे। किसी की मन्नत थी तो कोई मन्नत पूरी होने की खुशी में दरबार जाने की तैयारी कर रहा था।

परिवारों को उम्मीद थी कि यात्रा धार्मिक आस्था और खुशी के माहौल में पूरी होगी, लेकिन पिंडारसी गांव के पास हुए हादसे ने कई घरों की खुशियां छीन लीं।

साले के पोते को गोद लिया था, वही इकलौता बेटा हादसे में चला गया

हादसे में जान गंवाने वाले 7 साल के हर्ष के परिवार की कहानी बेहद मार्मिक है। हर्ष के पिता जसवंत सिंह राज मिस्त्री हैं और सेक्टर-3 में रहते हैं। उनकी अपनी कोई औलाद नहीं थी। हर्ष के जन्म के बाद उन्होंने अपने साले के पोते को गोद लिया था।

हर्ष पहली क्लास में पढ़ता था। वह जसवंत सिंह और उनके परिवार की जिंदगी की नई खुशी था। पिता उसकी हर ख्वाहिश पूरी करते थे। वे रोज उसे स्कूल छोड़ने जाते और खुद लेकर आते थे। हर्ष की मां रंजीत कौर भी उसके साथ बागड़ जा रही थीं।

हादसे में दंपती ने अपनी इकलौती औलाद हर्ष को खो दिया। जिस बेटे को परिवार ने अपने घर की खुशियों का केंद्र बनाया था, उसकी मौत से पूरा परिवार सदमे में है।

मां और डेढ़ साल की बेटी की एक साथ मौत

हादसे में 25 साल की अंजलि और उसकी डेढ़ साल की बेटी सीरत की भी मौत हो गई। अंजलि अपनी बेटी सीरत और पति राहुल को साथ लेकर बागड़ जा रही थी। मां-बेटी ट्रॉली में एक साथ बैठी थीं।

हादसे में अंजलि और उसकी मासूम बेटी सीरत की जान चली गई। एक ही हादसे में मां और बेटी को खोने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अंजलि के पति राहुल को भी चोटें आई हैं और उनका प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है।

लीला देवी ने फोन कर छोटी बहन को बुलाया था

मृतकों में लीला देवी और बाला देवी सगी बहनें थीं। लीला देवी कलाल माजरा की रहने वाली थीं, जबकि बाला देवी करनाल के जुंडला के जैनी गांव से आई थीं। दोनों बहनें एक साथ बागड़ धाम जा रही थीं।

बताया गया है कि लीला देवी (58) ने खुद फोन करके अपनी छोटी बहन बाला देवी (52) को बागड़ जाने के लिए बुलाया था। दोनों बहनों ने साथ यात्रा करने की तैयारी की थी, लेकिन पिंडारसी में हुए हादसे में दोनों की मौत हो गई।

ऑस्ट्रेलिया से कुछ दिन पहले लौटे थे ड्राइवर शांति लाल

हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली चला रहे शांति लाल का परिवार भी प्रभावित हुआ है। हादसे में उनकी पत्नी बोहती देवी उर्फ पुष्पा देवी (52) की मौत हो गई।

शांति लाल पहले रेत-बजरी का काम करते थे और पिछले 3 साल से ऑस्ट्रेलिया में थे। कुछ दिन पहले ही वे ऑस्ट्रेलिया से लौटे थे। गांव के लोगों ने उन्हें बागड़ घुमाने की बात कही थी। इसके बाद वह परिवार और ग्रामीणों के साथ बागड़ जाने के लिए निकले।

परिवार हर साल बेटे लभीश (11) की सुखना उतारने के लिए बागड़ जाता था। हादसे के समय लभीश ट्रैक्टर पर अपने पिता लभीश के साथ बैठा था।

दूसरी ट्रॉली को ओवरटेक करते समय सामने आया ट्रक

जानकारी के मुताबिक, हादसा पिंडारसी गांव के बस अड्डे के पास हुआ। श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली दूसरी ट्रॉली को ओवरटेक कर रही थी। इसी दौरान सामने से एक ट्रक आ गया।

सामने से आ रहे ट्रक से आमने-सामने की टक्कर से बचाने के लिए ड्राइवर शांति लाल ने ट्रॉली को दूसरी ट्रॉली की साइड में लगा दिया। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली बेकाबू होकर पलट गई। ट्रॉली में बैठे श्रद्धालुओं के बीच चीख-पुकार मच गई।

हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को साइड करवाकर रास्ते से अन्य वाहनों को निकलवाया। वहीं परिवार के लोग हादसे के बाद ट्रॉली में सवार श्रद्धालुओं का सामान तलाशते नजर आए।

हादसे में ये लोग हुए घायल

हादसे में राजकुमारी (60), रजनी (24), मंजू (47), कविता (34), राहुल कुमार (28) और सुषमा निवासी कलाल माजरा, सुदेश बाला (45) निवासी रादौर, यमुनानगर, सोना देवी (52) निवासी दादूपुर, करनाल और पूजा (20) निवासी गोबिंदगढ़ घायल हुए हैं।

घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। राजकुमारी की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें चंडीगढ़ 32 सेक्टर के अस्पताल में रेफर किया गया है। हादसे की सूचना मिलने के बाद घायलों के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।

पुलिस ने शव मॉर्चरी में रखवाए, आज होगा पोस्टमॉर्टम

हादसे के बाद पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर मॉर्चरी में रखवा दिया है। जान गंवाने वाले लोगों का आज पुलिस पोस्टमॉर्टम करवाएगी। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

बागड़ धाम में माथा टेकने और मन्नत पूरी होने की खुशी में निकले परिवारों के लिए यह यात्रा जिंदगी भर की ऐसी त्रासदी बन गई, जिसमें कई घरों ने अपने अपनों को खो दिया।

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कुरुक्षेत्र में बागड़ धाम जा रहे श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 6 की मौत; 7 साल के हर्ष और डेढ़ साल की सीरत समेत कई परिवारों में मातम