वॉट्सऐप पर आया आरटीओ का मैसेज, देखने लगा तो हरियाणा के व्यापारी के अकाउंट से 2.47 लाख रुपए गायब
गुरुग्राम में फर्जी आरटीओ मैसेज के जरिए एक बिजनेसमैन के बैंक अकाउंट से 2.47 लाख रुपए चुराने का मामला सामने आया। साइबर थाना वेस्ट की टीम फिशिंग और मैलवेयर अटैक की गहन जांच में जुटी है।
➤ गुरुग्राम में फर्जी आरटीओ मैसेज से 2.47 लाख रुपए अकाउंट से गायब
➤ लिंक ओपन न करने के बावजूद 4 ट्रांजैक्शन हो गईं, साइबर ठगी का शक
➤ पुलिस साइबर क्राइम टीम ने फिशिंग और मैलवेयर अटैक की जांच शुरू की
गुरुग्राम में साइबर ठगों द्वारा एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें फर्जी आरटीओ मैसेज के माध्यम से एक बिजनेसमैन के बैंक अकाउंट से 2 लाख 47 हजार 486 रुपए निकाल लिए गए। यह चौंकाने वाली घटना सेक्टर 7 के रहने वाले अंबरीश कुमार अग्रवाल के साथ हुई। अंबरीश ने साइबर थाना वेस्ट में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके वॉट्सऐप पर एक मैसेज आया था। उसमें दावा किया गया था कि उनके वाहन का आरटीओ चालान जारी हो गया है। मैसेज में एक हाइपर लिंक दिया गया था, जिसे खोलने के लिए कहा गया था।
अंबरीश कुमार ने कई बार उस लिंक को खोलने का प्रयास किया, लेकिन लिंक काम नहीं कर रहा था। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य तकनीकी गड़बड़ी समझा। लेकिन उसी रात उनके बैंक अकाउंट से चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन हुए। इनमें तीन ट्रांजैक्शन में 50-50 हजार रुपए और एक ट्रांजैक्शन में 97,486 रुपए की रकम शामिल थी। कुल मिलाकर उनके अकाउंट से 2,47,486 रुपए चोरी हो गए।
अगले दिन सुबह अंबरीश ने बैंक और पुलिस से संपर्क किया। बैंक ने इन ट्रांजैक्शंस की पुष्टि की, लेकिन तब तक साइबर ठगों ने पैसा निकाल लिया था। अंबरीश ने साफ किया कि उन्होंने किसी भी ऑनलाइन पेमेंट या लेन-देन की अनुमति नहीं दी थी। इससे यह स्पष्ट हो गया कि यह साइबर अपराधियों की साजिश थी।
पुलिस के मुताबिक यह मामला फिशिंग और मैलवेयर अटैक का हो सकता है। फिशिंग अटैक में ठग फर्जी मैसेज के जरिए यूजर को लिंक पर क्लिक करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। जैसे ही लिंक खुलता है, यूजर की निजी जानकारी व बैंक डिटेल्स चोरी हो जाती हैं। इसके बाद अपराधी इन जानकारियों का इस्तेमाल करके पैसे निकाल लेते हैं।
साइबर थाना वेस्ट की टीम इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। बैंक के साथ-साथ टेलिकॉम कंपनियों से डेटा भी मांगा गया है ताकि ट्रांजैक्शन का पूरा ट्रेस निकाला जा सके। पुलिस ने भेजे गए मैसेज और लिंक की भी जांच शुरू कर दी है।
जांच अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी साइबर अपराध की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी जाए।