"मुझे जान का खतरा है"… हत्या से पहले मनीषा ने कही थी यह बात-112 और पुलिस से की थी शिकायत
शिमला में मनीषा मित्तल हत्याकांड के बाद खुलासा हुआ है कि उन्होंने पहले ही अपनी जान को खतरा बताया था। अब उनकी 17 वर्षीय बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
- हत्या से पहले मनीषा मित्तल कई बार जता चुकी थीं अपनी जान को खतरा
- 17 वर्षीय बेटी की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों ने उठाई मांग
- संपत्ति विवाद, पुरानी रंजिश और CCTV फुटेज के आधार पर जांच में जुटी पुलिस
शिमला के भट्टाकुफर स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब जानकारी सामने आई है कि मनीषा मित्तल ने अपनी हत्या से पहले कई बार सार्वजनिक रूप से अपनी जान को खतरा बताया था। उन्होंने सोशल मीडिया वीडियो, पत्रकार वार्ता और पुलिस से संपर्क के माध्यम से सुरक्षा की मांग भी उठाई थी।
जानकारी के अनुसार चार अप्रैल को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में मनीषा मित्तल ने स्कूल और पारिवारिक संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद को सार्वजनिक किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि लंबे समय से संपत्ति और स्कूल प्रबंधन को लेकर संघर्ष चल रहा है। इस दौरान उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी।
सूत्रों के अनुसार मनीषा मित्तल ने 112 हेल्पलाइन और पुलिस अधिकारियों से भी संपर्क कर सुरक्षा की मांग की थी। पिछले कुछ महीनों से वह अपनी 17 वर्षीय बेटी के साथ स्कूल परिसर में ही रह रही थीं। ऐसे में दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद अब बेटी की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
शनिवार शाम करीब 6 बजे से 6:30 बजे के बीच मनीषा मित्तल पास की दुकान से जरूरी सामान लेकर स्कूल लौट रही थीं। इसी दौरान गेट नंबर-1 के पास अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीन गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। लोग जब तक घटनास्थल पर पहुंचते, हमलावर मौके से फरार हो चुके थे।
घटनास्थल से मिले वीडियो और तस्वीरों में मनीषा मित्तल के शव के पास सामान का पैकेट भी दिखाई दिया। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं।
पुलिस ने स्कूल परिसर और आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया है। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा कर्मी की शिकायत पर हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद, आपसी रंजिश, पुराने आरोप और अन्य संभावित कारणों को खंगाला जा रहा है। पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं, जो अलग-अलग एंगल से मामले की जांच कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार जांच टीम देर रात तक स्कूल परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालती रही। इसके अलावा स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है। पूरे शहर में नाकाबंदी कर संदिग्धों की तलाश जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मनीषा मित्तल ने कई बार उन्हें भी अपनी जान को खतरा होने की बात बताई थी। अब हत्या के बाद लोगों की सबसे बड़ी चिंता उनकी नाबालिग बेटी को लेकर है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से बेटी को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि जिस तरह दिनदहाड़े स्कूल परिसर के बाहर हत्या की गई है, उसे देखते हुए बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ परिवार की सुरक्षा भी प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उधर, सरस्वती पैराडाइज स्कूल को लेकर विवाद कोई नया नहीं है। वर्ष 2020 से स्कूल प्रबंधन को लेकर विवाद चल रहा है। वर्ष 2024 में छात्रों और अभिभावकों ने भी स्कूल के भविष्य को लेकर प्रदर्शन किया था। उस समय राजभवन तक मार्च निकालकर स्कूल में प्रशासक नियुक्त करने की मांग की गई थी।
स्कूल के तत्कालीन प्रिंसिपल मनदीप राणा ने भी पहले स्कूल की आर्थिक अनियमितताओं और प्रबंधन विवादों को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने स्कूल में प्रशासक नियुक्त करने की मांग की थी ताकि विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस मीडिया के सामने ज्यादा जानकारी साझा करने से बच रही है और अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आधिकारिक जानकारी दी जाएगी।
Akhil Mahajan