20 हजार किमी हाईवे पर NHAI करेगा AI सर्वे, गाड़ियां तैनात — हादसों और टूट-फूट पर अब AI रखेगा कड़ी नजर
NHAI देश के 20,933 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों पर AI-सक्षम सर्वे गाड़ियां तैनात करने जा रहा है। इनसे सड़क हादसों, टूट-फूट और मेंटेनेंस पर रियल-टाइम निगरानी रखी जाएगी।
➤ 20,933 किमी हाईवे पर AI-सक्षम सर्वे गाड़ियां दौड़ेंगी
➤ सड़क हादसों और टूट-फूट का रियल-टाइम डेटा मिलेगा
➤ मेंटेनेंस और मॉनिटरिंग सिस्टम होगा हाई-टेक
देश के सड़क परिवहन और राजमार्ग तंत्र में अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की एंट्री होने जा रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देशभर में 20,933 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों पर AI-सक्षम सर्वे गाड़ियों को तैनात करने की तैयारी कर ली है। इन गाड़ियों का उद्देश्य सड़क की हालत, हादसों के हॉटस्पॉट, क्रैक, गड्ढे, डैमेज और स्ट्रक्चरल फॉल्ट्स की पहचान रियल-टाइम में करना होगा। NHAI का कहना है कि यह पहल देश के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को स्मार्ट और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
AI तकनीक से सड़कें होंगी सुरक्षित
इन AI सर्वे गाड़ियों में हाई-रेजोल्यूशन कैमरे, लेज़र स्कैनर और सेंसर लगे होंगे जो सड़क की सतह, किनारों और पुलों की स्थिति का 3D डेटा रिकॉर्ड करेंगे। AI एल्गोरिद्म तुरंत यह पहचान लेगा कि कहां मरम्मत की जरूरत है या कोई संभावित खतरा मौजूद है। यह जानकारी सीधे NHAI के केंद्रीय कंट्रोल सिस्टम को भेजी जाएगी ताकि मेंटेनेंस टीम तुरंत एक्शन ले सके।
हर किलोमीटर की हेल्थ रिपोर्ट तैयार होगी
NHAI के मुताबिक, इन गाड़ियों की मदद से हर किलोमीटर हाईवे की "हेल्थ कार्ड" रिपोर्ट बनाई जाएगी। इसमें सड़क की स्थिति, सड़क किनारे की साइनज विजिबिलिटी, ड्रेनेज, और बैरियर की मजबूती जैसे डेटा शामिल होंगे। इस रिपोर्ट के जरिए मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्टर की परफॉर्मेंस भी मॉनिटर की जाएगी, जिससे जवाबदेही तय होगी और फंड का बेहतर उपयोग संभव होगा।
हादसों में कमी लाने का लक्ष्य
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में हर साल करीब 1.5 लाख से अधिक सड़क हादसे होते हैं।
AI आधारित यह सिस्टम हादसों के कारण बनने वाले ब्लाइंड स्पॉट्स और खराब रोड स्ट्रेचेज की पहचान कर उन्हें पहले ही ठीक करवाने में मदद करेगा।
NHAI की डिजिटल पहलें
NHAI ने पिछले कुछ वर्षों में कई डिजिटल इनोवेशन शुरू किए हैं — जैसे
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FASTag के जरिए कैशलेस टोलिंग,
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Data Lake System से रियल-टाइम प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग,
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अब AI Survey Vans के जरिए सड़क सुरक्षा और गुणवत्ता पर नज़र।
विशेषज्ञों की राय
रोड इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत के स्मार्ट हाईवे नेटवर्क की दिशा में निर्णायक कदम है। इससे मरम्मत का समय घटेगा, हादसे कम होंगे और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी।
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