मनीषा मित्तल हत्याकांड: मैने गेट खोला ही था कि दो नकाबपोशों ने माथे के नजदीक से चलाई गोलियां , गार्ड ने बताई पूरी कहानी
शिमला में मनीषा मित्तल हत्याकांड के प्रत्यक्षदर्शी स्कूल सिक्योरिटी गार्ड ने आंखों देखा हाल बताया। गेट खोलते ही नकाबपोश बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी।
- स्कूल गेट पर हुई फायरिंग का चश्मदीद बना सिक्योरिटी गार्ड
- गेट खोलते ही नकाबपोश बदमाशों ने शुरू कर दी ताबड़तोड़ गोलीबारी
- जान बचाने के लिए भागा गार्ड, आंखों देखा हाल सुनकर दहल जाएंगे
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हुए चर्चित मनीषा मित्तल हत्याकांड में अब एक अहम चश्मदीद का बयान सामने आया है। वारदात के समय स्कूल के गेट पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने उस खौफनाक मंजर का आंखों देखा हाल बताया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
सिक्योरिटी गार्ड के मुताबिक वह रोजाना की तरह स्कूल का गेट खोलने के लिए मुख्य द्वार पर पहुंचा था। जैसे ही वह गेट के पास पहुंचा, वहां मौजूद एक व्यक्ति ने अचानक गोली चलानी शुरू कर दी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, दूसरे व्यक्ति ने भी फायरिंग शुरू कर दी।
गार्ड ने बताया कि दोनों हमलावरों ने अपने चेहरे ढके हुए थे और ऐसा लग रहा था कि वे पहले से पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचे थे। दोनों बदमाश सीधे अपने निशाने की ओर बढ़े और बेहद करीब से गोलियां चलाईं। पूरा घटनाक्रम कुछ ही सेकेंड में हो गया।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार फायरिंग इतनी अचानक हुई कि उसे अपनी जान बचाने के लिए तुरंत वहां से भागना पड़ा। उसने बताया कि अगर वह कुछ सेकेंड और वहां खड़ा रहता तो खुद भी हमले का शिकार हो सकता था।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने बेहद नजदीक से गोलीबारी की। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद स्कूल परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें भी गठित की गई हैं।
दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात ने शिमला में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे के कारणों और हमलावरों की पहचान का पता लगाने में जुटी हुई है।
Akhil Mahajan