कुख्यात अपराधी शक्ति की हत्या के मामले में तीन गिरफ्तार, बड़े भाई को देख रखा था अपराध की दुनिया में कदम
सोनीपत के राजपुर गांव में जमीन विवाद के चलते युवक शक्ति सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने छह आरोपियों पर केस दर्ज कर तीन को गिरफ्तार कर लिया है।
➤ सोनीपत के राजपुर गांव में युवक की पीट-पीटकर हत्या
➤ जमीन के पुराने विवाद से जुड़ा मामला सामने आया
➤ पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा, तीन की तलाश जारी
सोनीपत जिले के राजपुर गांव में 30 वर्षीय शक्ति सिंह की लोहे की रॉड और डंडों से पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। शक्ति की हत्या जमीन के विवाद से जुड़ी बताई जा रही है! परिजनों का आरोप है कि गांव के नंबरदार के भतीजे और उसके साथियों ने बस अड्डे पर शक्ति पर हमला किया। हमले के दौरान उसके सिर और आंखों पर करीब 20 वार किए गए। घटना के तुरंत बाद शक्ति की कार नाले में फंसी मिली।शक्ति सिंह पर भी हत्या और लूट समेत 10 से ज्यादा मामले कुंडली थाना में दर्ज
दूसरी ओर नंबरदार विजेंद्र का कहना है कि शक्ति शराब के नशे में उनके घर में घुस आया था और दरांती से हमला किया। पुलिस को विजेंद्र के घर के दरवाजे पर चोट के निशान भी मिले हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेजा। पुलिस ने 6 आरोपियों में से विजेंद्र, कृष्ण और संदीप को गिरफ्तार कर लिया है। संदीप रिश्ते में विजेंद्र का साला है। वहीं विजेंद्र और कृष्ण सगे भाई हैं। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
अन्य आरोपी राहुल, सुंदर, जोगेंद्र और आकाश की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार शक्ति सिंह पर भी हत्या और लूट समेत 10 से ज्यादा मामले कुंडली थाना में दर्ज थे। वह हाल ही में करनाल जेल से जमानत पर बाहर आया था।
शक्ति के परिवार वालों ने बताया कि उसके ताऊ रमेश ने 3 साल पहले नंबरदार विजेंद्र को प्लॉट बेचा था। शक्ति उस प्लॉट को खाली करवाना चाहता था और इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। शक्ति की मां ने बताया कि रविवार रात वह बस अड्डे जाने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद उसकी मुलाकात विजेंद्र के भतीजे राहुल से हुई और वहीं से विवाद शुरू हुआ।हमले के बाद शक्ति की कार नाले में फंस गई और फिर उसे घसीटकर विजेंद्र के आरओ प्लांट में ले जाया गया। यहां पर ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि शक्ति सिंह और उसका भाई पवित्र दोनों अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे हैं। करीब 10 साल पहले पिता की मौत के बाद पवित्र ने आपराधिक गतिविधियों की शुरुआत की थी और बाद में शक्ति भी इसमें शामिल हो गया। वर्तमान में पवित्र नूंह जेल में बंद है।
Akhil Mahajan