हिसार एयरपोर्ट के हैंगर लीज पर देने की तैयारी, सिविल एविएशन विभाग ने जारी किए टेंडर

हिसार के महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के तीन हैंगर और ऑफिस स्पेस को लीज पर देने के लिए सिविल एविएशन विभाग ने टेंडर जारी किए हैं।

हिसार एयरपोर्ट के हैंगर लीज पर देने की तैयारी, सिविल एविएशन विभाग ने जारी किए टेंडर
  • हिसार महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के हैंगर और ऑफिस स्पेस लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू
  • छोटे विमान, ड्रोन, एयर एम्बुलेंस और फ्लाइंग ट्रेनिंग के लिए होगा उपयोग
  • 15 साल की लीज, आगे 5 साल बढ़ाने का विकल्प भी शामिल


हिसार के महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट को लेकर हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार के अधीन सिविल एविएशन विभाग ने एयरपोर्ट पर बने तीन विशालकाय हैंगर और ऑफिस स्पेस को लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग की ओर से बाकायदा टेंडर जारी कर दिए गए हैं।

सरकार का उद्देश्य एयरपोर्ट की आधारभूत संरचना का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। लीज पर दिए जाने वाले इन हैंगरों का इस्तेमाल छोटे विमानों की असेंबली, ड्रोन रिसर्च और ट्रेनिंग, एयर एम्बुलेंस संचालन, फ्लाइंग ट्रेनिंग और हेलिकॉप्टर पार्किंग जैसे कार्यों के लिए किया जा सकेगा।

सिविल एविएशन विभाग द्वारा जारी शर्तों के अनुसार यह आवंटन “5+5+5” मॉडल पर किया जाएगा। यानी प्रारंभिक रूप से 5 साल की लीज होगी, जिसे आपसी सहमति से दो बार बढ़ाया जा सकेगा। इस तरह कुल 15 साल की अवधि तक हैंगर और ऑफिस स्पेस का उपयोग संभव होगा। इसके अलावा आवश्यकता और सहमति की स्थिति में आगे 5 साल तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी का प्रावधान भी रखा गया है।

बताया जा रहा है कि इन हैंगरों के संचालन से न केवल एयरपोर्ट की गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि क्षेत्र में एविएशन से जुड़े रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। ड्रोन तकनीक, फ्लाइंग ट्रेनिंग और एयर एम्बुलेंस जैसी सेवाओं को बढ़ावा मिलने से हिसार और आसपास के क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट को भविष्य में एक सक्रिय एविएशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि निजी भागीदारी से एयरपोर्ट की उपयोगिता बढ़ेगी और यहां नियमित एविएशन गतिविधियों का संचालन संभव हो सकेगा।