हरियाणा में ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौ*त, अभी तक पहचान नहीं हुई

कैथल में ट्रेन की चपेट में आने से करीब 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला की पहचान नहीं हो सकी है। जीआरपी ने शव को शिनाख्त के लिए तीन दिन तक शवगृह में रखा है।

हरियाणा में ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौ*त, अभी तक पहचान नहीं हुई

कैथल में ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौत, पहचान नहीं हुई; शव 3 दिन तक शवगृह में रखा जाएगा

➤ तीन मुख्य बिंदु

कैथल की भगत सिंह कॉलोनी के पास ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौत

करीब 50 वर्षीय महिला की अब तक नहीं हो सकी पहचान

जीआरपी ने शव को पोस्टमॉर्टम के बाद शिनाख्त के लिए शवगृह में रखवाया

कैथल शहर की भगत सिंह कॉलोनी के नजदीक रेलवे ट्रैक पर एक दर्दनाक हादसे में करीब 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला जींद से कुरुक्षेत्र जा रही ट्रेन की चपेट में आ गई। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा गुरुवार सुबह करीब 11 बजे हुआ। ट्रेन की टक्कर लगने के बाद महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी मौके पर ही जान चली गई। घटना के बाद आसपास के लोगों ने रेलवे ट्रैक के पास शव पड़ा देखा और तुरंत इसकी सूचना जीआरपी पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल कैथल भेज दिया।

जीआरपी चौकी प्रभारी करण सिंह ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे ट्रेन हादसे की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर महिला की पहचान करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसके पास कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिला।

पुलिस के अनुसार महिला के शरीर पर भी ऐसा कोई विशेष निशान नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान सुनिश्चित की जा सके। इसी कारण उसकी शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है।

पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया गया है। पुलिस ने निर्णय लिया है कि महिला के शव को तीन दिनों तक पहचान के लिए रखा जाएगा। यदि इस दौरान परिजन या परिचित सामने आते हैं तो शव उन्हें सौंप दिया जाएगा।

जीआरपी ने मामले में इत्तेफाकिया मौत की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में महिला की पहचान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि महिला की पहचान होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वह किस क्षेत्र की रहने वाली थी और हादसे के समय रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंची।