पानीपत में नमो भारत की बड़ी तैयारी, तीन स्टेशन बनेंगे; सिवाह बस स्टैंड से सीधे जुड़ेगी रैपिड रेल

पानीपत में नमो भारत रैपिड रेल के तीन स्टेशन बनेंगे। सिवाह बस स्टैंड स्टेशन से जुड़ेगा, जबकि सड़क चौड़ीकरण और यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम शुरू हो चुका है।

पानीपत में नमो भारत की बड़ी तैयारी, तीन स्टेशन बनेंगे; सिवाह बस स्टैंड से सीधे जुड़ेगी रैपिड रेल

➤ पानीपत जिले को नमो भारत रैपिड रेल के तीन स्टेशन मिलेंगे
➤ सिवाह बस स्टैंड स्टेशन से बस यात्रियों को सीधे रेल कनेक्टिविटी मिलेगी
➤ सड़क चौड़ीकरण, रेस्टोरेशन और यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम शुरू


पानीपत। दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर से पानीपत जिले में यातायात की तस्वीर बदलने की तैयारी है। 136.30 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर पानीपत जिले को समालखा, सिवाह बस स्टैंड और पानीपत शहर में तीन प्रमुख स्टेशन मिलेंगे। इनमें पानीपत शहर का स्टेशन भूमिगत होगा, जबकि सिवाह बस स्टैंड का स्टेशन एलिवेटेड बनाया जाएगा। इसके अलावा सेक्टर-18 को भविष्य के स्टेशन के रूप में चिह्नित किया गया है। पूरे कॉरिडोर की अनुमानित लागत 33,051 करोड़ रुपये है, जिसमें हरियाणा सरकार की हिस्सेदारी करीब 7,472 करोड़ रुपये होगी।

परियोजना को लेकर हरियाणा सरकार ने 22 सितंबर को दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के तहत शामिल किया है। इसका उद्देश्य भविष्य में स्टेशनों के आसपास यातायात और सार्वजनिक परिवहन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शहरी विकास की योजनाएं तैयार करना है। हालांकि, फिलहाल कॉरिडोर के सभी हिस्सों में स्टेशन और वायाडक्ट का निर्माण एक साथ शुरू नहीं हुआ है।

सड़क चौड़ीकरण और रेस्टोरेशन का काम आगे बढ़ा

नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण से पहले सड़क और दूसरी जरूरी सुविधाओं को परियोजना के रास्ते से हटाने तथा आवश्यक जगह तैयार करने का काम आगे बढ़ रहा है। फिलहाल सड़क चौड़ीकरण, रेस्टोरेशन और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसे शुरुआती कार्य किए जा रहे हैं।

एचएमआरटीसी यानी हरियाणा व्यापक द्रुतगामी परिवहन निगम के दस्तावेजों के अनुसार दिल्ली-पानीपत-करनाल रोड के 29.95 से 75.55 किलोमीटर और 75.55 से 136.30 किलोमीटर हिस्से में सड़क चौड़ीकरण और रेस्टोरेशन का काम अवार्ड हो चुका है। दोनों कार्यों के कार्यादेश जनवरी 2026 में जारी किए गए थे।

इसके साथ ही परियोजना के रास्ते में आने वाली विभिन्न सिविल यूटिलिटी को भी स्थानांतरित करने का काम शुरू किया गया है। एचएमआरटीसी के रिकॉर्ड के अनुसार स्टेशन और वायाडक्ट के रास्ते में आने वाली सीवर लाइन, पानी की पाइपलाइन और बरसाती पानी की निकासी जैसी सुविधाओं को स्थानांतरित करने का कार्य 28 जनवरी 2026 को बताया गया है। इससे पहले सड़क और अन्य जरूरी सुविधाओं को परियोजना के रास्ते से हटाने की तैयारी शुरू हो चुकी थी।

सिवाह बस स्टैंड से सीधे जुड़ेगा नमो भारत स्टेशन

पानीपत में बनने वाले स्टेशनों में सिवाह बस स्टैंड स्टेशन को खास तौर पर बस परिवहन से जोड़ने की योजना है। इसका उद्देश्य बस से आने वाले यात्रियों को नमो भारत रैपिड रेल की सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे वे दिल्ली और करनाल की ओर यात्रा कर सकेंगे।

परियोजना में अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर दिया गया है। इसके तहत स्टेशन परिसर में कार और दोपहिया पार्किंग, पिकअप-ड्राप लेन, ऑटो और टैक्सी के लिए जगह तथा पैदल यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।

इस व्यवस्था से बस और नमो भारत रैपिड रेल के बीच यात्री कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की योजना है। सिवाह बस स्टैंड से आने वाले यात्रियों के लिए स्टेशन तक पहुंच और आगे रेल यात्रा की सुविधा को एक ही परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।

यात्रियों के लिए भी कई सुविधाएं प्रस्तावित

नमो भारत रैपिड रेल की ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो गुणा दो सीटिंग की व्यवस्था होगी। ट्रेनों में सामान रखने के लिए जगह भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा महिलाओं के लिए आरक्षित कोच और दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधाएं प्रस्तावित हैं।

पानीपत जिले में समालखा, सिवाह बस स्टैंड और पानीपत शहर में प्रस्तावित स्टेशन कॉरिडोर के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ेंगे। इनमें पानीपत शहर का स्टेशन भूमिगत और सिवाह बस स्टैंड का स्टेशन एलिवेटेड रहेगा। वहीं, सेक्टर-18 को भविष्य में स्टेशन के लिए चिह्नित किया गया है।

कुल मिलाकर, परियोजना के निर्माण से पहले सड़क चौड़ीकरण, रेस्टोरेशन और यूटिलिटी शिफ्टिंग से जुड़े काम आगे बढ़ रहे हैं। 33,051 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस कॉरिडोर में हरियाणा की हिस्सेदारी 7,472 करोड़ रुपये है। अब परियोजना से जुड़े शुरुआती निर्माण कार्यों के साथ पानीपत में प्रस्तावित स्टेशनों और उनके आसपास की कनेक्टिविटी को विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।