नशे की ओवरडोज से दो दिन में तीन युवाओं की मौत, मचा हडकंप, एएनसी प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों के तबादले
फतेहाबाद के रतिया में नशे की ओवरडोज से दो दिन में तीन युवाओं की मौत हो गई। मामले के बाद एसपी ने एएनसी प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों के तबादले किए।
- रतिया में नशे की ओवरडोज से दो दिन में तीन युवाओं की मौत
- ड्रग कंट्रोल और पुलिस पर सवाल, बीजेपी नेता की सख्त चेतावनी
- एसपी ने एएनसी प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों के किए तबादले
फतेहाबाद जिले के रतिया शहर में नशे की ओवरडोज से युवाओं की लगातार हो रही मौतों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बीते दो दिनों में रतिया क्षेत्र में तीन युवाओं की जान चली गई है, जिससे ड्रग कंट्रोल विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मृतक युवकों के परिजनों का आरोप है कि इलाके में नशा खुलेआम बिक रहा है और इसे रोकने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। एक मृतक युवक के पिता ने कहा कि अगर समय रहते नशे पर लगाम लगाई जाती, तो आज उनके बेटे की जान बच सकती थी।
नशा विरोधी मुहिम चला रहे एक बीजेपी नेता ने भी सार्वजनिक रूप से तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रतिया में जितने जानवर नहीं मर रहे, उससे ज्यादा युवा नशे की वजह से मर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मेडिकल स्टोर संचालकों ने नशा बेचना बंद नहीं किया, तो वे खुद सड़कों पर उतरकर ऐसे मेडिकल स्टोरों पर ताला लगवाएंगे।
बढ़ते दबाव और लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। एसपी सिद्धांत जैन ने पहले रतिया थाना प्रभारी और डीएसपी बदले थे। अब एंटी नारकोटिक्स सेल प्रभारी सहित कई चौकी इंचार्ज और पुलिसकर्मियों के तबादले कर दिए गए हैं।
एसपी ने इंस्पेक्टर यादविंदर सिंह को प्रहलाद राय के स्थान पर एंटी नारकोटिक्स सेल का प्रभारी नियुक्त किया है। इसके अलावा विभिन्न चौकियों और थानों में तैनात कई एसआई और एएसआई स्तर के अधिकारियों का भी व्यापक स्तर पर फेरबदल किया गया है।
रतिया शहर के वार्ड नंबर चार में रहने वाले 19 वर्षीय युवक गुरप्रीत का शव गोशाला के पास नाले में गिरा हुआ मिला था। परिजनों का कहना है कि गुरप्रीत की मौत नशे की ओवरडोज से हुई है। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसे कुत्तों ने नोच रखा था। इसके अलावा गांव कंवलगढ़ और लालवास में भी युवकों की मौत हुई है, जिनका कारण भी नशा ही बताया जा रहा है।
मृतक गुरप्रीत के पिता निर्मल सिंह ने कहा कि उनका बेटा पिछले दो साल से नशे की गिरफ्त में था। उन्होंने कई बार उसे समझाने की कोशिश की थी, लेकिन नशे की लत ने उसकी जान ले ली। परिवार ने प्रशासन से क्षेत्र में नशे की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है।
Akhil Mahajan