8 दिन बाद मिला डॉग जेरी,बेचने अस्पताल पहुंचा आरोपी, डॉक्टर ने पहचाना

डबवाली में 18 सितंबर से गायब डॉग जेरी 8 दिन बाद अस्पताल में मिला। बेचने पहुंचे युवक को डॉक्टर ने पहचानकर मालिक राजीव बंसल को सूचना दी।

8 दिन बाद मिला डॉग जेरी,बेचने अस्पताल पहुंचा आरोपी, डॉक्टर ने पहचाना

डबवाली में 18 सितंबर से गायब जेरी 8 दिन बाद डॉग अस्पताल में मिला
➤ बेचने के लिए अस्पताल पहुंचे युवक को डॉक्टर ने जेरी के रूप में पहचान लिया
➤ मालिक ने 25 हजार के इनाम में से आधी रकम युवक को दी, आधी धार्मिक-सामाजिक कार्य के लिए दान की

सिरसा जिले के डबवाली में 8 दिन से गायब पालतू डॉग जेरी आखिरकार अपने परिवार के पास लौट आया। जेरी को चुराने वाला युवक उसे बेचने के लिए डॉग डॉक्टर के अस्पताल पहुंचा था। डॉक्टर ने जेरी को पहचान लिया और तुरंत उसके मालिक राजीव बंसल को फोन कर दिया। सूचना मिलते ही राजीव बंसल अस्पताल पहुंचे। जेरी ने अपने मालिक को देखते ही उनकी ओर दौड़ लगा दी।

जेरी के मिलने के बाद डॉग डॉक्टर ने मालिक और युवक के बीच समझौता करवाया और जेरी को उसके असल मालिक राजीव बंसल को सौंप दिया। जेरी को देखते ही राजीव बंसल और उनका पूरा परिवार भावुक हो उठा। परिवार के लिए जेरी सिर्फ पालतू डॉग नहीं, बल्कि घर का करीबी सदस्य था।

जेरी को वापस पाने के बाद राजीव बंसल ने उस युवक को अपने ही जेरी को वापस देने के लिए रखी गई 25 हजार रुपए की इनाम राशि में से आधी रकम दे दी। वहीं बाकी आधी रकम धार्मिक-सामाजिक कार्य के लिए दान कर दी।

राजीव बंसल ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में बताया कि उनके लिए पैसों की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो इनाम रखा था, वह युवक को दे दिया। उनका कहना था कि वे किसी का हक नहीं रखना चाहते थे और न ही किसी के खिलाफ कार्रवाई चाहते थे। परिवार इस बात से संतुष्ट है कि उनका जेरी उन्हें वापस मिल गया। राजीव बंसल ने जेरी को तलाशने में सहयोग करने के लिए दैनिक भास्कर एवं सभी का आभार जताया।

अच्छे घर से ताल्लुक रखता है युवक

जानकारी के अनुसार, जेरी को चुराने वाला युवक अच्छे घर से ताल्लुक रखता है। वह जेरी को चुराने के बाद अपने घर ले गया था। हालांकि, जेरी ने उसके घर पर सही ढंग से खाना-पीना नहीं किया और उसकी तबीयत बिगड़ने की स्थिति बन गई। वह वहां ठीक से नहीं रह पाया।

इसके बाद युवक ने जेरी को बेचने का प्लान बनाया और डॉग डॉक्टर से संपर्क किया। वह जेरी को अस्पताल लेकर पहुंचा और डॉक्टर को बताया कि यह सही नहीं रह पा रहा है और इसे सेल यानी बेचना चाहता है।

डॉक्टर ने जेरी को देखते ही पहचान लिया, क्योंकि वह राजीव बंसल के जानकार हैं। राजीव बंसल अक्सर जेरी को चेकअप के लिए उनके पास लेकर जाते थे। इसी पहचान के चलते डॉक्टर को पता चल गया कि अस्पताल लाया गया डॉग वही जेरी है, जिसे राजीव बंसल का परिवार कई दिनों से तलाश रहा था।

घर पहुंचते ही मालिक और परिवार के साथ खेलने लगा जेरी

शुक्रवार देर शाम राजीव बंसल जेरी को लेकर अपने घर पहुंचे। घर पहुंचते ही जेरी अपने मालिक और परिवार के सदस्यों के साथ खेलने लगा। इसके बाद वह बेड पर कुछ देर सोया और खाना-पीना भी किया।

राजीव बंसल ने बताया कि जेरी को घर लाने से पहले ही डॉक्टर से उसका चेकअप करवाया गया था। उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है। जेरी के मिलने के बाद अब जाकर परिवार की टेंशन दूर हुई है, क्योंकि पूरा परिवार उसे लेकर परेशान था।

सीसीटीवी में स्कूटी सवार के साथ ले जाते दिखने का दावा

जेरी के गायब होने के बाद उसका एक सीसीटीवी वीडियो वायरल हुआ था। इसमें स्कूटी सवार एक व्यक्ति और युवक उसे ले जाते हुए दिखाई देने का दावा किया जा रहा था। इसके बाद जेरी के मालिक ने स्कूटी सवार से संपर्क किया, लेकिन उसने साफ मना कर दिया।

इसके बाद राजीव बंसल ने डबवाली की गोल चौकी पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने स्कूटी सवार व्यक्ति को बुधवार को पूछताछ के लिए बुलाया। पूछताछ के दौरान उसने कहा कि थैले में सब्जी थी।

पुलिस ने अगले दिन फिर दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए बुलाया। दो दिनों तक यह मामला चलता रहा। इसी बीच शुक्रवार शाम को राजीव बंसल को डॉग डॉक्टर का फोन आया और उन्हें जेरी के अस्पताल में मिलने की जानकारी मिली।

18 सितंबर से गायब था जेरी, 8 दिन बाद परिवार के पास लौटा

जेरी 18 सितंबर से घर से गायब था। उसके गायब होने के बाद से परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा था। सीसीटीवी के जरिए भी जेरी तक पहुंचने की कोशिश की गई। आखिरकार 8 दिन बाद जेरी अपने परिवार को मिल गया।

जेरी पग नस्ल का कुत्ता है, जो बहुत कम भौंकता और काटता है। इसी वजह से उसे चुरा ले जाने की बात सामने आई है। जेरी के मालिक राजीव कुमार बंसल परिवार के साथ डबवाली में गोली चौक के पास रहते हैं। राजीव बंसल का मैरिज पैलेस और रिगल फूड नाम से रेस्टोरेंट है।

जेरी उनके घर का करीबी सदस्य था। परिवार हर साल 22 फरवरी को उसका बर्थडे सेलिब्रेट करता था। राजीव बंसल उसे किलियांवाली निवासी अपने दोस्त से लेकर आए थे। इसके बाद से ही जेरी परिवार से पूरी तरह जुड़ गया था और सभी का उसके प्रति गहरा लगाव था।

जेरी परिवार के सदस्यों के साथ ही बेड पर सोता था। शाम को राजीव बंसल के घर लौटने के बाद परिवार के सदस्य उसके साथ मस्ती करते थे। यही वजह थी कि 18 सितंबर को जेरी के गायब होने के बाद पूरा परिवार परेशान था और लगातार उसकी तलाश कर रहा था। 8 दिन बाद जब जेरी वापस घर पहुंचा तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।