हरियाणा में SC आरक्षण लागू करने पर सख्ती, विभागों को नए निर्देश

हरियाणा सरकार ने SC आरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों को रोस्टर रजिस्टर अपडेट और सत्यापन के आदेश दिए हैं तथा रिप्लेसमेंट थ्योरी लागू करने पर जोर दिया है।

हरियाणा में SC आरक्षण लागू करने पर सख्ती, विभागों को नए निर्देश

हरियाणा में SC आरक्षण लागू करने के लिए सख्त निर्देश जारी
सभी विभागों को रोस्टर रजिस्टर अपडेट और सत्यापन के आदेश
रिप्लेसमेंट थ्योरी लागू कर नियमों के पालन पर जोर


हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने राज्य के सभी सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों को निर्देश दिए हैं कि वे ग्रुप ‘A’ और ‘B’ पदों के लिए रोस्टर रजिस्टर (RR) तैयार करें, उसे नियमित रूप से अपडेट करें और उसकी जांच भी सुनिश्चित करें। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा आधिकारिक पत्र जारी किया गया है।जारी निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि सभी विभाग अपने-अपने रोस्टर रजिस्टर को सही और अद्यतन स्थिति में रखें तथा इसे अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से सत्यापित भी करवाएं। सरकार का यह कदम आरक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता और सही क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले 7 अक्टूबर 2023 को जारी आदेश में सरकार ने ग्रुप ‘A’ और ‘B’ श्रेणी के SC कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देने का प्रावधान लागू किया था। अब नए निर्देशों के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इन नियमों का पालन हर स्तर पर ठीक तरीके से हो।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 15 जुलाई 2014 को तय किए गए रोस्टर पॉइंट्स में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और इन्हें सीधी भर्ती और प्रमोशन दोनों पर लागू किया जाएगा। इसके अलावा, ग्रुप ‘C’ और ‘D’ कर्मचारियों के लिए 24 सितंबर 2008 और 22 अक्टूबर 2008 के रोस्टर नियमों का भी सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

खास तौर पर सरकार ने "रिप्लेसमेंट थ्योरी" को लागू करने पर जोर दिया है, ताकि रोस्टर पॉइंट्स का सही तरीके से उपयोग हो और आरक्षण का लाभ पात्र वर्ग तक पहुंचे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और सभी नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें।यह फैसला न केवल आरक्षण प्रणाली को मजबूत करेगा, बल्कि सरकारी नौकरियों में समान अवसर और सामाजिक न्याय को भी बढ़ावा देगा।