दिल्ली-फरीदाबाद कनेक्शन: दिन में बरामद 2910 किलो विस्फोटक, शाम को दिल्ली दहली – आतंकी नेटवर्क पर NIA की नज़र

दिल्ली कार धमाके में 8 की मौत। फरीदाबाद में मिले 2910 किलो विस्फोटक से कनेक्शन की जांच जारी। NIA, NSG और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, देश में हाई अलर्ट।

दिल्ली-फरीदाबाद कनेक्शन: दिन में बरामद 2910 किलो विस्फोटक, शाम को दिल्ली दहली – आतंकी नेटवर्क पर NIA की नज़र

  • फरीदाबाद में 2910 किलो विस्फोटक बरामद, तीन डॉक्टर समेत सात गिरफ्तार

  • शाम को दिल्ली लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास कार धमाका, 8 की मौत, कई घायल

  • NIA, NSG और दिल्ली पुलिस जांच में जुटी, देशभर में हाई अलर्ट घोषित


देश की राजधानी दिल्ली सोमवार शाम एक भीषण धमाके से दहल उठी। लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी एक कार में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें 8 लोगों की मौत और 7 लोग घायल हो गए। तीन घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। धमाके के बाद इलाके में आग लग गई और छह कारें, दो ई-रिक्शा और एक ऑटो जलकर खाक हो गए।

दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। दिल्ली पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और फोरेंसिक टीम ने कार का मलबा सील कर सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं।


सुबह बरामद हुआ 2910 किलो विस्फोटक, शाम को धमाका — बड़ा आतंकी कनेक्शन?

दिल्ली धमाके से कुछ ही घंटे पहले, हरियाणा के फरीदाबाद में जम्मू-कश्मीर पुलिस और हरियाणा पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में 2910 किलो विस्फोटक सामग्री, AK-47 राइफल, पिस्टल, 83 कारतूस, और 20 टाइमर बरामद किए गए थे।

पुलिस ने तीन डॉक्टरों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है — जिनमें फरीदाबाद की अलफलाह यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल शकील, उसकी गर्लफ्रेंड लखनऊ की महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद, और सहारनपुर से डॉ. आदिल अहमद शामिल हैं।

पुलिस का दावा है कि ये सभी जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर गजवात-उल-हिंद (AGuH) जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े थे और विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर आतंकी गतिविधियों में शामिल थे।


जांच एजेंसियों को शक – दिल्ली धमाके में उसी नेटवर्क का हाथ

दिल्ली धमाके के तुरंत बाद NIA और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर में छापेमारी तेज कर दी। एजेंसियों को शक है कि दिल्ली कार धमाका, फरीदाबाद में पकड़े गए मॉड्यूल की गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है।

फोरेंसिक टीम को कार के अंदर से अमोनियम नाइट्रेट जैसी विस्फोटक सामग्री के निशान मिले हैं — वही केमिकल जो फरीदाबाद से बरामद 2910 किलो संदिग्ध IED में पाया गया था।

सूत्रों के अनुसार, डॉ. मुजम्मिल शकील की कार का नंबर प्लेट एक लखनऊ की महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद की कार से मेल खा रहा है, जिसे रविवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पकड़ा था। इसी कार से AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामद हुए थे।


फरीदाबाद का किराए का मकान और अमोनियम नाइट्रेट की बरामदगी

ACP वरुण दहिया ने बताया कि डॉ. मुजम्मिल ने फतेहपुर तगा गांव में एक मकान किराए पर लिया था, जहां से 2563 किलो विस्फोटक बरामद हुआ। मकान के मालिक मौलवी इस्ताक से पूछताछ जारी है।

पुलिस का मानना है कि यह घर सामग्री स्टोर करने और असेंबल करने का ठिकाना था। बरामद टाइमर, बैटरी और अन्य वायरिंग से स्पष्ट है कि यह मॉड्यूल IED बनाने की तैयारी में था


देशभर में अलर्ट – दिल्ली, हरियाणा, यूपी, महाराष्ट्र में सुरक्षा कड़ी

दिल्ली धमाके के बाद गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को हाई अलर्ट पर रखा है।
दिल्ली पुलिस की सभी यूनिट्स को तैनाती बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं।
रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, मॉल और धार्मिक स्थलों पर सघन जांच अभियान चल रहा है।

एनएसजी, एनआईए और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) लगातार दिल्ली पुलिस के संपर्क में हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।


UAPA केस दर्ज, विदेशी कनेक्शन की जांच

इस केस में UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एजेंसियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों ने एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया चैनलों पर विदेशी हैंडलर्स से संपर्क बनाए रखा था।
उनके चैट रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है।


जांच का फोकस – क्या दिल्ली धमाका टेस्ट रन था या मुख्य ऑपरेशन?

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह भी जांच की जा रही है कि क्या दिल्ली धमाका एक प्रैक्टिकल टेस्ट था या किसी बड़े आतंकी ऑपरेशन की शुरुआत
फोरेंसिक टीम को ब्लास्ट में इस्तेमाल किए गए कंट्रोल डिवाइस के अवशेष मिले हैं, जो फरीदाबाद मॉड्यूल में मिले टाइमरों जैसे हैं।


राजनीतिक और सुरक्षा प्रतिक्रिया

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह घटना बेहद गंभीर है और केंद्र सरकार को पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा कि “देश की राजधानी में इस तरह का धमाका इंटेलिजेंस फेल्योर का परिणाम है।”
वहीं गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने तक किसी भी एंगल से इंकार नहीं किया जा सकता।

  • J&K पुलिस का देशभर में बड़ा ऑपरेशन, फरीदाबाद से 360 किलो विस्फोटक बरामद

  • तीन डॉक्टरों समेत सात गिरफ्तार, महिला डॉक्टर की कार में मिली AK–47

  • जैश-ए-मोहम्मद और अंसर गजवात-उल-हिंद से लिंक, 2900 किलो विस्फोटक जब्त


जम्मू-कश्मीर पुलिस ने देश के कई राज्यों में एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने 2900 किलो विस्फोटक सामग्री, असॉल्ट राइफलें, कारतूस, और IED बनाने का सामान जब्त किया है। इस कार्रवाई में तीन डॉक्टरों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके संबंध जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर गजवात-उल-हिंद (AGuH) जैसे आतंकी संगठनों से बताए जा रहे हैं।

ऑपरेशन की शुरुआत अनंतनाग से हुई, जहां सिक्योरिटी फोर्सेस ने सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा, लखनऊ और सहारनपुर में छापेमारी की।

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के धौज गांव में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर डॉक्टर मुजम्मिल शकील के किराए के कमरे पर छापा मारा। वहां से 360 किलो संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट, असॉल्ट राइफल, 83 कारतूस, 20 टाइमर, और बैटरियां बरामद की गईं। यह सामग्री IED बनाने में इस्तेमाल की जा सकती थी।

फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि यह ऑपरेशन पिछले 15 दिनों से चल रहा था और अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि बरामद विस्फोटक RDX नहीं है, लेकिन इसकी मात्रा और उद्देश्य बेहद संदिग्ध हैं।

डॉ. मुजम्मिल शकील, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के कोइल गांव का रहने वाला है। वह फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था। पुलिस जांच में सामने आया कि उसने करीब तीन महीने पहले धौज गांव में एक कमरा किराए पर लिया, लेकिन वह वहां नहीं रहता था, केवल सामान रखता था।

फरीदाबाद के एसीपी क्राइम वरुण दहिया ने बताया कि आरोपी ने करीब 8 महीने पहले फतेहपुर तगा में मौलवी से एक घर किराए पर लिया था। पुलिस को अब तक दो किराए के घरों का पता चला है। मौलवी की संपत्ति से भी बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

लखनऊ की डॉक्टर शाहीन शाहिद भी गिरफ्त में
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लखनऊ से डॉक्टर शाहीन शाहिद को भी गिरफ्तार किया है। वह डॉ. मुजम्मिल शकील की गर्लफ्रेंड बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, शाहीन की कार से रविवार को AK-47 राइफल, जिंदा कारतूस और संदिग्ध सामग्री बरामद की गई थी। यह वही कार थी जिसे मुजम्मिल इस्तेमाल करता था।

सूत्रों के मुताबिक शाहीन शाहिद का भी संपर्क पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अंसर गजवात-उल-हिंद से था। फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है और पूछताछ जारी है।


इससे पहले 7 नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सहारनपुर (यूपी) से डॉ. आदिल अहमद को गिरफ्तार किया था। वह अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) में डॉक्टर था और 2024 में इस्तीफा देने के बाद यूपी में प्रैक्टिस करने लगा। पुलिस को शक है कि वह भी आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था और विस्फोटक तैयार करने में भूमिका निभा रहा था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पुष्टि की कि अब तक की कार्रवाई में कुल 2900 किलो विस्फोटक सामग्री जब्त की जा चुकी है। पुलिस ने कहा कि ये आरोपी विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड चैनलों के जरिए आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते थे।

इन पर गैरकानूनी गतिविधि (निरोधक) कानून (UAPA) और आर्म्स एक्ट 1959 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस को शक है कि इस मॉड्यूल का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है और अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

फरीदाबाद पुलिस ने तगा गांव के एक अन्य घर से भी 2563 किलो संदिग्ध विस्फोटक सामग्री बरामद की है। पुलिस ने बताया कि यह संभवतः वही नेटवर्क है, जिसे मुजम्मिल और आदिल चला रहे थे। नेशनल सिक्योरिटी एजेंसियां अब इस मामले में शामिल हो गई हैं।

फरीदाबाद के ACP वरुण दहिया ने कहा कि –

“यह अब तक का सबसे बड़ा आतंकी विस्फोटक नेटवर्क लग रहा है। इसमें डॉक्टर, धार्मिक लोग और सोशल नेटवर्क पर जुड़े विदेशी हैंडलर्स शामिल हैं। पूरी जांच चल रही है, इसलिए अधिक जानकारी अभी नहीं दी जा सकती।”


राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
एनआईए (NIA), आईबी (IB) और रॉ (RAW) जैसी एजेंसियों ने भी इस ऑपरेशन में सक्रिय भूमिका निभाई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए विदेश से फंडिंग और निर्देश लेते थे।



फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यह केस अब UAPA के तहत दर्ज किया गया है। बरामद विस्फोटक की मात्रा, हथियारों की संख्या और अंतरराज्यीय कनेक्शन को देखते हुए इसे देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि इन आरोपियों के पाकिस्तान स्थित संगठनों से संपर्क के सबूत मिले हैं। एन्क्रिप्टेड चैट्स और कॉल रिकॉर्डिंग्स में जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर्स से बातचीत के प्रमाण मिले हैं।

फिलहाल, सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ चल रही है। एनआईए और स्पेशल सेल की संयुक्त टीम अन्य राज्यों में छापेमारी कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मॉड्यूल के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सकेगा।