करनाल में फूड सेफ्टी विभाग की रेड, तीन दुकानों से 6 सैंपल लिए
करनाल के घरौंडा में फूड सेफ्टी विभाग ने तीन दुकानों से जूस, फल, दूध, पनीर, मेवे और लस्सी के 6 सैंपल लेकर जांच के लिए चंडीगढ़ लैब भेजे हैं। रिपोर्ट तीन सप्ताह में आएगी।
घरौंडा में फूड सेफ्टी विभाग ने तीन दुकानों पर सैंपलिंग अभियान चलाया
जूस, फल, दूध, पनीर, मेवे और लस्सी समेत 6 सैंपल जांच के लिए भेजे गए
तीन सप्ताह बाद रिपोर्ट आने पर तय होगी दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई
करनाल के घरौंडा में फूड सेफ्टी विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान चलाया। इस दौरान विभाग की टीम ने तीन अलग-अलग दुकानों पर पहुंचकर जूस, फल, दूध, पनीर, मेवे और लस्सी के सैंपल एकत्र किए। सभी नमूनों को जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित लैब भेजा गया है।
फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. कपिला सैनी अपनी टीम के साथ घरौंडा पहुंचीं। उनके साथ विभाग के सहायक सुरेंद्र कुमार भी मौजूद रहे। टीम ने सबसे पहले रेलवे रोड स्थित गर्ग जूस शॉप पर कार्रवाई की।
बताया गया कि इस दुकान के खिलाफ किसी व्यक्ति द्वारा सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच की और यहां से मौसमी के जूस तथा केले के सैंपल लिए।
इसके बाद फूड सेफ्टी विभाग की टीम विश्वकर्मा-मंडी रोड स्थित यतिन डेयरी पहुंची। यहां से दूध और पनीर के सैंपल एकत्र किए गए। अधिकारियों ने खाद्य गुणवत्ता संबंधी मानकों की भी जांच की।
टीम ने तीसरी कार्रवाई फ्रूट मंडी के निकट स्थित ओम स्विट्स पर की। यहां से मेवे और मीठी लस्सी के सैंपल लिए गए। विभाग के अधिकारियों के अनुसार डेयरी और मिठाई की दुकान पर यह कार्रवाई नियमित सैंपलिंग अभियान के तहत की गई।
फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. कपिला सैनी ने बताया कि सभी सैंपल जांच के लिए चंडीगढ़ लैब भेज दिए गए हैं। करीब तीन सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
उन्होंने बताया कि यदि जांच में कोई सैंपल सब-स्टैंडर्ड या निर्धारित गुणवत्ता से कम पाया जाता है तो मामला एडीसी कोर्ट में भेजा जाएगा। वहीं यदि कोई सैंपल अनसेफ श्रेणी में पाया गया तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मामला दर्ज किया जाएगा।
फूड सेफ्टी विभाग ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
pooja