चंडीगढ़ केमिस्ट शॉप शूटआउट: चश्मा बना मौत की वजह! सुपारी किसी और की, गोली का शिकार बना कैशियर
चंडीगढ़ के जानकी दास हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि शूटर किसी और को निशाना बनाने पहुंचे थे, लेकिन गलत पहचान के कारण जानकी दास की हत्या हो गई।
➤ शूटरों को चश्मा लगाए भारी-भरकम व्यक्ति को मारने की सुपारी मिली थी
➤ कई मेडिकल स्टोर खंगालने के बाद जानकी दास को समझ बैठे टारगेट
➤ पंजाब में रची गई साजिश, पहली बार जम्मू के शूटरों के इस्तेमाल का खुलासा
चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास हत्याकांड में पुलिस पूछताछ के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। जम्मू से गिरफ्तार किए गए दो शूटरों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें एक विशेष हुलिए वाले व्यक्ति की हत्या करने की सुपारी दी गई थी। हालांकि पहचान में कथित गलती के कारण जानकी दास उनकी गोली का शिकार बन गए।
पुलिस जांच में सामने आया है कि शूटरों को एक चश्मा लगाने वाले भारी-भरकम व्यक्ति की पहचान बताई गई थी। उन्हें निर्देश दिए गए थे कि उसी हुलिए वाले व्यक्ति को निशाना बनाना है। इसके अलावा वारदात के दौरान या उससे पहले स्पॉट से किसी भी प्रकार की फोन कॉल न करने की सख्त हिदायत भी दी गई थी, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात से पहले उन्होंने सेक्टर-11 क्षेत्र में "कुमार" नाम से चल रही कई मेडिकल दुकानों की रेकी की थी। वहां उन्हें बताए गए हुलिए का व्यक्ति नहीं मिला। बाद में वे श्री कुमार केमिस्ट पहुंचे, जहां काउंटर पर बैठे जानकी दास का हुलिया उन्हें दिए गए विवरण से मेल खाता दिखाई दिया।
इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर तुर्किये निर्मित जिगाना पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में जानकी दास की मौत हो गई। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि असली टारगेट कौन था और हत्या की सुपारी किसने दी थी।
पंजाब में रची गई थी साजिश
जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या की पूरी साजिश पंजाब में रची गई थी। पुलिस के अनुसार वारदात को अंजाम देने वाले तीनों शूटर जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। चंडीगढ़ में यह पहला ऐसा मामला माना जा रहा है, जिसमें किसी संगठित हत्या के लिए जम्मू-कश्मीर के युवकों का इस्तेमाल किया गया।
जांच एजेंसियों की बढ़ी चिंता
आईजी पुष्पेंद्र कुमार ने भी इस पहलू को गंभीर बताया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सनी मेहरा, आर्यन शर्मा और तीसरा आरोपी अमित लंबे समय से पंजाब के खरड़ क्षेत्र में आते-जाते रहे थे। जांच एजेंसियां अब इनके संपर्कों और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या का आदेश किसने दिया, असली निशाना कौन था और इस पूरे षड्यंत्र में कितने लोग शामिल हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
Akhil Mahajan