अंसल चुनाव में बढ़ी सरगर्मियां, क्या ‘सी ब्लॉक मॉडल’ बदल पाएगा समिति का भविष्य?
अंसल एपीआई सुशांत सिटी समिति चुनाव में प्रवीण ढींगरा ने नामांकन दाखिल किया। ग्राउंड रिपोर्ट में कई ब्लॉकों की समस्याओं के बीच सी ब्लॉक मॉडल चर्चा का केंद्र बना।
➤ प्रधान पद के उम्मीदवार प्रवीण ढींगरा ने नामांकन के साथ विजन और मेनिफेस्टो किया जारी
➤ ग्राउंड रियलिटी चेक में कई ब्लॉकों में दिखीं समस्याएं, सी ब्लॉक की तस्वीर रही अलग
➤ जुलाई में 117 डेलिगेट्स करेंगे मतदान, विकास मॉडल पर टिकीं निगाहें
अंसल एपीआई सुशांत सिटी में समिति चुनाव को लेकर चुनावी गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। नामांकन के अंतिम दिन प्रधान, उपप्रधान और अन्य पदों के लिए उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इसी क्रम में प्रधान पद के उम्मीदवार प्रवीण ढींगरा ने सबसे पहले नामांकन दाखिल करते हुए अपना विजन और मेनिफेस्टो भी सार्वजनिक किया। इसके साथ ही चुनावी माहौल में विकास और व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
चुनावी सरगर्मियों के बीच सिटी तहलका की टीम ने अंसल सुशांत सिटी के विभिन्न ब्लॉकों का ग्राउंड रियलिटी चेक किया। इस दौरान कई स्थानों पर टूटी सड़कें, खराब स्ट्रीट लाइटें, सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी देखने को मिली। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पानी, सड़क और सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जाती रही है और कई बार आंदोलन भी किए गए हैं।
हालांकि रियलिटी चेक के दौरान सी ब्लॉक की तस्वीर अन्य कई ब्लॉकों की तुलना में अलग दिखाई दी। यहां सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, ग्रीनरी और पार्कों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर नजर आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से यहां निरंतर कार्य किए गए हैं, जिसका सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है।
निवासियों के अनुसार बेहतर प्रबंधन, नियमित निगरानी और लगातार नेतृत्व की वजह से सी ब्लॉक ने अपनी अलग पहचान बनाई है। विशेष रूप से पार्कों के रखरखाव, सफाई व्यवस्था और सुरक्षा उपायों को लेकर यहां किए गए कार्यों की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।
चुनावी माहौल के बीच अब ‘सी ब्लॉक मॉडल’ चर्चा का विषय बनता दिखाई दे रहा है। कई लोग इसे अन्य ब्लॉकों के लिए एक संभावित उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग मानते हैं कि पूरे अंसल में समान व्यवस्थाएं लागू करने के लिए व्यापक स्तर पर योजना और संसाधनों की आवश्यकता होगी।
प्रधान पद के उम्मीदवार प्रवीण ढींगरा का कहना है कि उन्होंने अपने ब्लॉक में एक कार्य मॉडल विकसित किया है और उसी अनुभव के आधार पर समिति स्तर पर काम करने की सोच के साथ चुनाव मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि पूरी समिति को सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर सुविधाओं वाली सोसाइटी के रूप में विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि यदि उन्हें अवसर मिलता है तो लोगों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी और सभी ब्लॉकों में समान रूप से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। उनका दावा है कि जमीनी अनुभव के आधार पर बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित की जा सकती है।
अब सभी की निगाहें जुलाई में प्रस्तावित चुनाव पर टिकी हैं, जहां 117 डेलिगेट्स अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनावी मुकाबला रोचक होता जा रहा है और सबसे बड़ा सवाल यही है कि मतदाता विकास कार्यों, व्यवस्थाओं और जमीनी प्रदर्शन को प्राथमिकता देंगे या चुनावी समीकरण कोई नया मोड़ लाएंगे।
फिलहाल अंसल की चुनावी तस्वीर में एक ओर विभिन्न ब्लॉकों की चुनौतियां दिखाई दे रही हैं, जबकि दूसरी ओर सी ब्लॉक मॉडल की चर्चा लगातार गति पकड़ती नजर आ रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनावी बहस का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
Akhil Mahajan