हरियाणा में स्विगी इंस्टामार्ट को लेकर विवाद, 40 डिलीवरी बॉय पहुंचे थाने
गुरुग्राम के चौमा गांव में स्विगी इंस्टामार्ट के 30 से 40 डिलीवरी पार्टनर्स ने स्टोर स्टाफ पर ऑर्डर से सामान कम देने का आरोप लगाकर पुलिस में शिकायत दी।
गुरुग्राम में 30 से 40 डिलीवरी बॉय पहुंचे पालम विहार थाने, स्टोर स्टाफ पर लगाए गंभीर आरोप
➤ डिलीवरी पार्टनर्स का आरोप- ऑर्डर पैक करते समय सामान कम कर देता है स्टोर स्टाफ
➤ ग्राहकों की शिकायत पर आईडी ब्लॉक होने से आजीविका का संकट, CCTV जांच की मांग
गुरुग्राम के सेक्टर-1 स्थित चौमा गांव में स्विगी इंस्टामार्ट के डिलीवरी पार्टनर्स और स्टोर स्टाफ के बीच विवाद बढ़ गया है। शनिवार को करीब 30 से 40 डिलीवरी बॉय एकजुट होकर न्याय की गुहार लगाने पालम विहार पुलिस थाने पहुंचे। डिलीवरी पार्टनर्स ने स्टोर कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को लिखित शिकायत दी और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
डिलीवरी पार्टनर्स का आरोप है कि चौमा गांव स्थित स्विगी इंस्टामार्ट स्टोर में ग्राहकों के ऑर्डर पैक करते समय स्टोर स्टाफ कथित तौर पर जानबूझकर कुछ सामान कम कर देता है। उनका कहना है कि उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि ग्राहक ने ऑर्डर में कौन-कौन सा सामान मंगवाया है। वे स्टोर से पैकेट लेते हैं और उसे सीधे ग्राहक के बताए पते पर पहुंचा देते हैं।
ग्राहक पैकेट खोलता है तो डिलीवरी बॉय से होता है विवाद
डिलीवरी पार्टनर्स के मुताबिक, जब ग्राहक को ऑर्डर मिलता है और वह पैकेट खोलता है तो सामान कम मिलने पर उसका गुस्सा सीधे डिलीवरी बॉय पर निकलता है। डिलीवरी बॉय संतोष का कहना है कि सामान कम होने की वजह से कई बार ग्राहक उनके साथ गाली-गलौज करते हैं और लड़ाई-झगड़े तक की स्थिति बन जाती है।
उनका आरोप है कि परेशान ग्राहक इसके बाद स्विगी ऐप पर शिकायत कर देते हैं। डिलीवरी पार्टनर्स का कहना है कि ग्राहक की शिकायत के आधार पर कंपनी उनकी आईडी ब्लॉक कर देती है, जबकि उन्हें यह पता ही नहीं होता कि पैकेट में सामान कम किस स्तर पर हुआ।
डिलीवरी पार्टनर्स बोले- बिना जांच आईडी ब्लॉक होने से आजीविका का संकट
डिलीवरी बॉयज का आरोप है कि कंपनी की ओर से बिना किसी जमीनी जांच के ग्राहक की शिकायत के आधार पर उनकी आईडी ब्लॉक कर दी जाती है। आईडी बंद होने के बाद उनके लिए डिलीवरी का काम करना मुश्किल हो जाता है और उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाता है।
डिलीवरी पार्टनर्स का कहना है कि यदि स्टोर से पैक होकर मिलने वाले ऑर्डर में सामान की कमी के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाता है और उनकी आईडी ब्लॉक कर दी जाती है, तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
30 से 40 डिलीवरी बॉय थाने पहुंचे, CCTV जांच की मांग
इसी व्यवस्था से परेशान होकर 30 से 40 डिलीवरी बॉयज का एक दल शनिवार को पालम विहार पुलिस थाने पहुंचा। उन्होंने पुलिस को अपनी शिकायत देते हुए कहा कि स्टोर स्टाफ की कथित लापरवाही और कथित धोखाधड़ी की सजा उन्हें भुगतनी पड़ रही है।
डिलीवरी पार्टनर्स ने पुलिस से मांग की है कि स्टोर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की जाए। उनका कहना है कि CCTV फुटेज की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि ऑर्डर के पैकेट में सामान किस स्तर पर कम हुआ था और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है।
डिलीवरी बॉयज ने पुलिस से यह भी मांग की है कि जिन डिलीवरी पार्टनर्स की आईडी ब्लॉक की गई है, उनकी आईडी को जल्द से जल्द चालू कराने के लिए कंपनी से बातचीत की जाए और इस मामले में पुलिस हस्तक्षेप करे।
स्टोर मैनेजर बोले- डिलीवरी पार्टनर्स से सीधे संपर्क नहीं
मामले को लेकर स्टोर मैनेजर रामकुमार से बात की गई। उन्होंने कहा कि उनका काम ऑपरेशन से जुड़ा है और सीधे तौर पर उनका डिलीवरी पार्टनर्स से संपर्क नहीं होता। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनकी टीम इंचार्ज ही कुछ बता पाएंगे।
वहीं, टीम लीडर पंकज अग्रवाल से मामले को लेकर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाई। ऐसे में डिलीवरी पार्टनर्स की ओर से लगाए गए आरोपों और स्टोर स्तर पर ऑर्डर पैकिंग की पूरी प्रक्रिया को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
पुलिस से जांच और कार्रवाई की मांग
डिलीवरी पार्टनर्स ने अपनी शिकायत में पूरे मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि CCTV फुटेज और ऑर्डर पैकिंग की प्रक्रिया की जांच होने से यह स्पष्ट हो सकता है कि ग्राहकों के ऑर्डर में सामान कम होने की स्थिति कैसे पैदा हो रही है।
फिलहाल 30 से 40 डिलीवरी बॉयज के थाने पहुंचने के बाद मामला चर्चा में है। डिलीवरी पार्टनर्स का कहना है कि वे स्टोर स्तर पर होने वाली कथित गड़बड़ी की वजह से ग्राहकों के गुस्से और कंपनी की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने और ब्लॉक की गई आईडी को चालू कराने में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
Akhil Mahajan