NCR से बाहर नहीं होंगे हरियाणा के 5 जिले, बैठक में बड़ा फैसला
NCR प्लानिंग बोर्ड की बैठक में फैसला लिया गया कि हरियाणा के पांच जिले NCR से बाहर नहीं होंगे। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि पुराना NCR क्षेत्र बरकरार रहेगा।
• NCR से बाहर नहीं होंगे हरियाणा के 5 जिले, प्लानिंग बोर्ड की बैठक में फैसला
• मुख्यमंत्री नायब सैनी बोले- हरियाणा का पुराना NCR क्षेत्र पहले की तरह रहेगा
• NCR विजन-2047, नमो सिटी और RRTS विस्तार को लेकर भी हुई चर्चा
हरियाणा के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की सीमा में प्रस्तावित बदलाव के तहत हरियाणा के जिन पांच जिलों के बाहर होने की आशंका जताई जा रही थी, वे अब NCR का हिस्सा बने रहेंगे। मंगलवार को दिल्ली में आयोजित NCR प्लानिंग बोर्ड की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।
बैठक के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि हरियाणा का वर्तमान NCR क्षेत्र पहले की तरह ही बरकरार रहेगा। उन्होंने कहा कि NCR सीमा में किसी प्रकार का तत्काल बदलाव नहीं किया गया है और प्रदेश के मौजूदा जिले NCR का हिस्सा बने रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में NCR रीजन विजन-2047 को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो आगामी 15 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर भविष्य की विकास योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
नायब सैनी ने कहा कि NCR क्षेत्र के विकास को लेकर सभी राज्यों से सुझाव मांगे गए हैं। जो प्रस्ताव सबसे बेहतर और व्यावहारिक होंगे, उन्हें भविष्य की योजनाओं में शामिल किया जाएगा।
बैठक में नमो सिटी के विकास को लेकर भी चर्चा हुई। इसके लिए राज्यों से अलग-अलग प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। साथ ही NCR क्षेत्र में बीएस-6 से नीचे के वाहनों को लेकर परिवर्तन योजना पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि RRTS (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) के विस्तार को लेकर भी काम जारी है। करनाल की दिशा में RRTS विस्तार और मानेसर क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों पर चर्चा की गई। इसके अलावा NCR के कोर एरिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार किया गया।
गौरतलब है कि NCR सीमा पुनर्निर्धारण के प्रस्ताव के तहत दिल्ली से 100 किलोमीटर के दायरे तक क्षेत्र सीमित करने की चर्चा चल रही थी। ऐसे में महेंद्रगढ़, जींद, करनाल, पानीपत और भिवानी जैसे जिलों के NCR से बाहर होने की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि ताजा फैसले के बाद इन जिलों को फिलहाल राहत मिल गई है।
हरियाणा सरकार की ओर से NCR में समावेश बनाए रखने के लिए 11 राष्ट्रीय राजमार्गों के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर चौड़ा कॉरिडोर बनाए रखने का प्रस्ताव भी रखा गया था। माना जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर भविष्य में और चर्चा हो सकती है।
बैठक के फैसले से प्रदेश के उन जिलों को राहत मिली है, जहां NCR का दर्जा विकास, निवेश, शहरी नियोजन और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
Akhil Mahajan