डिप्टी सिविल सर्जन 50 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार : अस्पताल की सील खोलने के नाम पर मांगी रिश्वत, ACB का बड़ा एक्शन
नूंह में ACB गुरुग्राम ने डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला PNDT नोडल अधिकारी डॉ. मनप्रीत तेवतिया को 50 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
- नूंह में डिप्टी सिविल सर्जन 50 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार
- अस्पताल की सील खोलने और मामला निपटाने के बदले मांगी थी रकम
- ACB गुरुग्राम की ट्रैप कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) गुरुग्राम की टीम ने नूंह में बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। एसीबी ने डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. मनप्रीत तेवतिया को कथित तौर पर 50 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।
यह कार्रवाई सोमवार दोपहर करीब 2 बजे पुन्हाना-शिकरावा मोड़ स्थित मोहन भट्ठे के पास की गई। गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ गुरुग्राम लेकर रवाना हो गई, जहां उससे पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मामले की शुरुआत पुन्हाना के पेमा रोड स्थित लबुजा अस्पताल से हुई। अस्पताल संचालक तौफीक ने एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी थी कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से 4 जून को अस्पताल में जांच की गई थी। जांच के दौरान कथित अनियमितताएं मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया था और अस्पताल संचालक के खिलाफ थाना शहर पुन्हाना में मामला भी दर्ज कराया गया था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि अस्पताल को दोबारा खोलने और दर्ज मामले को निपटाने के एवज में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मनप्रीत तेवतिया ने 50 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी गुरुग्राम ने पूरे मामले की जांच की और ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। तय रणनीति के अनुसार शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम देकर आरोपी अधिकारी के पास भेजा गया।
सोमवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने मोहन भट्ठे के समीप आरोपी अधिकारी को 50 हजार रुपए दिए, पहले से तैनात एसीबी टीम ने मौके पर छापा मारकर उसे पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली।
कार्रवाई के दौरान एसीबी अधिकारियों ने मानक प्रक्रिया के तहत आरोपी के हाथ धुलवाए। जांच में पानी का रंग बदल गया, जिसे रिश्वत के नोटों के संपर्क का महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जाता है।
एसीबी के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर जयपाल ने बताया कि आरोपी डिप्टी सिविल सर्जन को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी को लेकर विभागीय हलकों में चर्चाओं का दौर जारी है। वहीं एसीबी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर तथ्यों की जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाती है।
विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो या संबंधित एजेंसी को दें।
Akhil Mahajan