शिमला मनीषा मित्तल हत्याकांड में 39 घंटे के भीतर दो शूटर गिरफ्तार, हरियाणा से पकड़े गए आरोपी, दो पिस्तौल बरामद
शिमला पुलिस ने मनीषा मित्तल हत्याकांड को 39 घंटे में सुलझाते हुए हरियाणा से दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल दोनों पिस्तौल भी बरामद कर ली हैं।
- मनीषा मित्तल हत्याकांड में 39 घंटे के भीतर दो शूटर गिरफ्तार
- हरियाणा से पकड़े गए आरोपी, हत्या में प्रयुक्त दोनों पिस्तौल बरामद
- फर्जी हिमाचल नंबर प्लेट लगाकर स्विफ्ट कार में पहुंचे थे शूटर
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की दिनदहाड़े हत्या के मामले में जिला शिमला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने महज 39 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो शूटरों को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दोनों पिस्तौल भी बरामद कर ली हैं।
पुलिस के अनुसार 13 जून 2026 की शाम सूचना मिली थी कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के बाहर दो अज्ञात हमलावरों ने मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए जांच शुरू कर दी गई।
घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया तथा विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर जांच आगे बढ़ाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिमला पुलिस ने कई विशेष जांच टीमों का गठन किया। इन टीमों को हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ हरियाणा समेत अन्य राज्यों में भी भेजा गया। पुलिस की खुफिया इकाइयों को भी सक्रिय किया गया और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई।
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी सफेद रंग की स्विफ्ट कार में शिमला पहुंचे थे। पुलिस को गुमराह करने और पहचान छिपाने के लिए उन्होंने अपनी हरियाणा नंबर की कार पर हिमाचल प्रदेश की HP-10 सीरीज का फर्जी नंबर लगा रखा था।
तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने वाहन की वास्तविक पहचान स्थापित की और आरोपियों तक पहुंच बनाई। इसके बाद एक विशेष अभियान चलाकर रोहतक, हरियाणा से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष अहलावत (22 वर्ष) निवासी गांव दुजाना, जिला झज्जर और दीपक (25 वर्ष) निवासी सुनारिया खुर्द, जिला रोहतक के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। आरोपी आशीष अहलावत के खिलाफ पहले से एक मामला दर्ज है, जबकि दीपक पर आर्म्स एक्ट, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत चार मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।
इस बीच मामले में एक नया मोड़ तब आया जब मनीषा मित्तल के भाई हिमांक मित्तल का वीडियो सामने आया। वीडियो में हिमांक मित्तल ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में लगाए जा रहे विभिन्न आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कई लोग बिना तथ्यों के मामले को गलत दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं।
हिमांक मित्तल ने कहा कि उनका परिवार पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और उन्हें जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें तथा जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखें।
उधर, हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने भी इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए पूरी रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों और साजिश के पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Akhil Mahajan