जमीन घोटाला: करोड़ों की जमीनों की फर्जी रजिस्ट्रियां रद्द, डीसी वर्षा खांगवाल का बड़ा हंटर

झज्जर के ग्वालिशन रोड पर करोड़ों की जमीन घोटाले में डीसी वर्षा खांगवाल की बड़ी कार्रवाई। बिना एनओसी हुई फर्जी रजिस्ट्रियां रद्द, जांच का दायरा बढ़ा।

जमीन घोटाला: करोड़ों की जमीनों की फर्जी रजिस्ट्रियां रद्द, डीसी वर्षा खांगवाल का बड़ा हंटर

झज्जर के ग्वालिशन रोड पर करोड़ों के जमीन घोटाले में जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, फर्जी रजिस्ट्रियां रद्द

पैसे की जरूरत होने पर जमीन बेचने तहसील पहुंचे पीड़ित, तब हुआ वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी के नाम रजिस्ट्री का खुलासा

डीसी वर्षा खांगवाल के आदेश पर कई अन्य फर्जी रजिस्ट्रियों की जांच शुरू, राजस्व अधिकारियों पर भी गिर सकती है गाज

झज्जर जिले के ग्वालिशन रोड स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन से जुड़े एक बड़े और चर्चित प्रकरण में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डीसी वर्षा खांगवाल ने मामले का त्वरित संज्ञान लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है और सभी विवादित व फर्जी रजिस्ट्रियों को रद्द करने के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रशासन के इस कड़े कदम के बाद लंबे समय से न्याय के लिए भटक रहे असली जमीन मालिकों और प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है।

यह पूरा मामला तब खुलकर सामने आया जब समाधान शिविर के दौरान पीड़ितों ने डीसी वर्षा खांगवाल के समक्ष अपनी गुहार लगाई। पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी कीमती जमीनों की रजिस्ट्रियां उनकी जानकारी, सहमति और बिना किसी एनओसी (NOC) के ही धोखे से दूसरे लोगों के नाम ट्रांसफर कर दी गई हैं। मामले की गंभीरता और प्रशासनिक स्तर पर हुई धांधली को देखते हुए डीसी ने तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय जांच बैठाई थी, जिसमें भारी अनियमितताएं और फर्जीवाड़ा पूरी तरह सही पाया गया।

शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, यह पूरा खेल वर्ष 2024 में फर्जी तरीके से जमीनों की रजिस्ट्रियां करवाकर रचा गया था। छावनी मोहल्ला के रहने वाले पीड़ित अशोक कुमार ने बताया कि परिवार की अचानक बढ़ी आर्थिक जरूरतों के चलते जब वह अपनी पैतृक जमीन बेचने और उसकी रजिस्ट्री प्रक्रिया के लिए तहसील कार्यालय पहुंचे, तो वहां के रिकॉर्ड देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें पता चला कि उनकी जमीन पहले ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज हो चुकी है। जांच में चौकाने वाली बात यह सामने आई कि यह कीमती जमीन एक वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी के नाम पर चोरी-छिपे दर्ज कराई गई थी।

प्रशासनिक स्तर पर हुई इस बड़ी कार्रवाई के तहत अब जगनाथ के पुत्र ओमप्रकाश, बनवारी, अशोक कुमार इंवर, गीता रानी, हरीओम और अमरनाथ समेत कई अन्य प्रभावित लोगों की जमीनों की विवादित रजिस्ट्रियां पूरी तरह निरस्त कर दी गई हैं। बताया जा रहा है कि जिन जालसाजों के नाम पर यह जमीनें अवैध रूप से दर्ज हुई थीं, उनके खिलाफ पुलिस में पहले से ही एफआईआर (FIR) दर्ज है।

इस मामले में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ग्वालिशन रोड जमीन घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं। पुलिस के अनुसार, यदि जांच के दौरान किसी भी राजस्व अधिकारी, कर्मचारी या दलाल की भूमिका उजागर होती है, तो उनसे न केवल गहनता से पूछताछ की जाएगी बल्कि उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। इसी रोड पर नकली मालिक खड़े करके कुछ और भी फर्जी रजिस्ट्री होने की संभावना है, जिसकी पुख्ता सूचना मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।