यमुना में अवैध खनन,विभाग की कार्रवाई या सिर्फ दिखावा, यमुना में रातभर क्या हुआ, सुबह क्यों बदली कहानी-जानें
सोनीपत के असदपुर नांदनौर में यमुना नदी में अवैध रेत खनन पर छापेमारी हुई। भारी मशीनों का दावा, लेकिन प्रशासन ने सिर्फ एक मशीन और दो डंपर दिखाए।
- यमुना नदी में अवैध खनन की बड़ी कार्रवाई, कई मशीनें और ट्रक पकड़े जाने का दावा
- शाम तक प्रशासन ने सिर्फ एक मशीन और दो डंपर दिखाए, सवालों में कार्रवाई
- पंचकूला टीम के पहुंचने के बाद हरकत में आया सोनीपत प्रशासन
सुशील मोर
सोनीपत जिले के गांव असदपुर नांदनौर से गुजरने वाली यमुना नदी में अवैध रेत खनन का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। नदी में रेत खनन का टेंडर छोड़े जाने के बावजूद नियमों को ताक पर रखकर खनन किए जाने के आरोप सामने आए हैं। बीती रात पंचकूला खनन विभाग और सोनीपत खनन विभाग की संयुक्त टीम ने यमुना नदी में छापेमारी की, जहां भारी संख्या में मशीनें और ट्रक अवैध खनन करते हुए पाए जाने का दावा किया गया।
जानकारी के अनुसार असदपुर पॉइंट पर जेलकोहा नाम की कंपनी को रेत खदान का टेंडर छोड़ा गया है। आरोप है कि कंपनी द्वारा तय मानकों से अधिक और प्रतिबंधित क्षेत्रों में लगातार खनन किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान देर रात तक कार्रवाई चली और मौके पर कई पोकलेन मशीनें और डंपर खड़े दिखाई दिए।
हालांकि हैरानी की बात यह रही कि जैसे-जैसे समय बीतता गया, सोनीपत जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई का दायरा सिमटता चला गया। देर शाम तक प्रशासन ने मीडिया के सामने केवल एक मशीन और दो डंपर जब्त किए जाने की पुष्टि की। इसे लेकर स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
शिकायतकर्ता मोनू आंतिल का आरोप है कि अवैध खनन लंबे समय से चल रहा है और इस पूरे खेल में स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और कुछ जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद सोनीपत प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके बाद मामला पंचकूला खनन विभाग तक पहुंचाया गया। इसके बाद ही बाहरी टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पहले तो सोनीपत के आला अधिकारी मीडिया से बात करने से बचते नजर आए और एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। हालांकि देर रात खनन विभाग अधिकारी चंद्र भूषण तिवारी ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि यमुना नदी में अवैध खनन करते हुए एक मशीन और दो डंपर सीज किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक साल में 122 बार छापेमारी की गई है और 8 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुर्माने के रूप में सरकारी खजाने में जमा कराई गई है।
इसके बावजूद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर अवैध खनन पर लगातार कार्रवाई हो रही है, तो फिर पंचकूला से अधिकारियों के आने का इंतजार क्यों किया गया। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि भारी संख्या में पकड़ी गई मशीनों और ट्रकों का आंकड़ा अचानक कैसे घट गया। यमुना नदी में अवैध खनन को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली एक बार फिर संदेह के घेरे में आ गई है।
खनन अधिकारी ने क्या कहा
सोनीपत खनन विभाग के अधिकारी चंद्र भूषण तिवारी ने छापेमारी की पुष्टि करते हुए बताया कि यमुना नदी में अवैध खनन करते हुए एक पोकलेन मशीन और दो डंपर पकड़े गए हैं। अधिकारी के अनुसार मौके पर की गई कार्रवाई के बाद सभी को सीज कर दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
खनन अधिकारी ने यह भी दावा किया कि बीते एक वर्ष में विभाग की ओर से 122 बार छापेमारी की गई है और अवैध खनन करने वालों से 8 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुर्माने के रूप में वसूली कर सरकारी खजाने में जमा कराई गई है।
अधिकारी का कहना है कि जिले में अवैध खनन रो
Akhil Mahajan