हिसार CIA इंचार्ज पर एक‍ और महिला के गंभीर आरोप, वीडियो वायरल

हिसार में CIA इंचार्ज पर महिला ने वीडियो जारी कर धमकी और उगाही के आरोप लगाए। इंस्पेक्टर ने आरोपों को बेबुनियाद बताया, जांच की मांग तेज।

हिसार CIA इंचार्ज पर एक‍ और महिला के गंभीर आरोप, वीडियो वायरल

हिसार CIA इंचार्ज पर महिला के गंभीर आरोप, वीडियो वायरल
जेल में पति को धमकाने और उगाही के लगाए आरोप
इंस्पेक्टर बोले- आरोप बेबुनियाद, जांच की मांग तेज


हरियाणा के हिसार जिले में तैनात सीआईए (CIA) इंचार्ज पवन कुमार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। दुष्यंत चौटाला के काफिले को रोकने के मामले के बाद अब एक महिला ने वीडियो जारी कर इंस्पेक्टर पर प्रताड़ना, धमकी और उगाही जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

ताजा मामला उकलाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। महिला का कहना है कि वह नहीं चाहती कि कोई और इस तरह के अत्याचार का शिकार बने।

वीडियो में महिला ने आरोप लगाया कि सीआईए इंचार्ज पवन कुमार ने उसके पति रमेश कुमार को जेल में जाकर धमकाया। महिला के मुताबिक, इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर कहा कि “मुकदमा वापस ले लो, वरना तुम्हारी पत्नी और बच्चों को भी झूठे केस में फंसा देंगे।”

महिला ने यह भी दावा किया कि उसने RTI (सूचना का अधिकार) के जरिए ऐसे दस्तावेज जुटाए हैं, जिनसे यह साबित होता है कि इंस्पेक्टर बिना किसी आधिकारिक रिकॉर्ड के जेल में उसके पति से मिलने गया था।

महिला के अनुसार, वह पिछले 3 सालों से न्याय के लिए कोर्ट के चक्कर काट रही है। उसके पास मेडिकल रिकॉर्ड सहित कई दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं। उसने इंस्पेक्टर की कथित अवैध संपत्ति की भी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

वीडियो में महिला काफी भावुक नजर आती है और उसने अपनी तथा अपने परिवार की जान को खतरा होने की आशंका भी जताई है। उसने कहा कि वीडियो सामने आने के बाद उसके खिलाफ झूठे केस दर्ज किए जा सकते हैं।

इस पूरे मामले में सीआईए इंचार्ज पवन कुमार ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।

गौरतलब है कि इससे पहले भी फतेहाबाद में एक मामले को लेकर पवन कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज हो चुका है, जिससे यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है।

फिलहाल इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।