हिसार टोल मैनेजर ह*त्याकांड में नया मोड़, लॉरेंस गैंग ने लिया जिम्मेदारी का दावा

हिसार टोल मैनेजर संजय शुक्ला हत्याकांड में लॉरेंस गैंग से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट ने जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

हिसार टोल मैनेजर ह*त्याकांड में नया मोड़, लॉरेंस गैंग ने लिया जिम्मेदारी का दावा

हिसार के बाडोपट्टी टोल प्लाजा पर मैनेजर संजय शुक्ला की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा सोशल मीडिया पोस्ट में किया गया

• पोस्ट में संजय पर दुश्मनों की मदद करने का आरोप लगाते हुए हत्या की बात कही गई

• पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी

हिसार के बाडोपट्टी टोल प्लाजा पर टोल मैनेजर संजय शुक्ला की हत्या के मामले में नया मोड़ सामने आया है। सोशल मीडिया पर अनिल पंडित नाम के अकाउंट से एक पोस्ट और ऑडियो जारी कर लॉरेंस गैंग की ओर से इस हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। हालांकि इस पोस्ट और ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पोस्ट में दावा किया गया है कि टोल मैनेजर संजय शुक्ला उनके दुश्मनों की मदद करता था। पोस्ट में कहा गया कि उसे पहले समझाया गया था, लेकिन वह नहीं माना, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि जो भी उनके दुश्मनों का साथ देगा, उसका अंजाम भी ऐसा ही होगा।

सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो में खुद को अनिल पंडित बताने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि वह लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है। ऑडियो में कहा गया कि संजय शुक्ला दुश्मनों को आर्थिक मदद देता था और समझाने के बावजूद नहीं माना। इसके बाद उसे "जिंदगी से एग्जिट" कर दिया गया। ऑडियो में आगे धमकी भरे अंदाज में कहा गया कि दुश्मनों का साथ देने वालों को इसी तरह का अंजाम भुगतना पड़ेगा।

गौरतलब है कि मंगलवार रात बाडोपट्टी टोल प्लाजा पर 130 रुपए के टोल टैक्स को लेकर विवाद के बाद यह वारदात हुई थी। आरोप है कि ब्लैक स्कॉर्पियो में सवार युवक खुद को स्थानीय निवासी बता रहे थे और टोल देने से इनकार कर रहे थे। विवाद बढ़ने पर उन्होंने टोल मैनेजर संजय शुक्ला को पहले पीटा और फिर स्कॉर्पियो से कुचल दिया।

टोल प्लाजा कर्मचारी रूपेश मौर्य के अनुसार, आरोपी युवक शराब के नशे में थे। उन्होंने टोल शुल्क मांगने पर अभद्र व्यवहार किया और बैरियर हटाकर गाड़ी आगे बढ़ा दी। कुछ दूरी पर गाड़ी रोकने के बाद जब संजय उनसे बात करने पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।

रूपेश ने बताया कि आरोपियों ने लाठी-डंडों से संजय की पिटाई की। जब अन्य कर्मचारी बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो आरोपियों ने स्कॉर्पियो को तेजी से बैक किया और संजय के ऊपर चढ़ा दिया। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो खेदड़ गांव से किराए पर ली गई थी। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार के अनुसार, आरोपी वारदात से पहले इसी गाड़ी से पहाड़ी क्षेत्रों में घूमने भी गए थे। वाहन को ढाई हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से किराए पर लिया गया था।

पुलिस ने इस मामले में बहबलपुर निवासी मनोज उर्फ फिल्मी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके अलावा चार अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और उनकी तलाश जारी है।

उधर, मृतक संजय शुक्ला के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। परिजनों का कहना है कि जब तक टोल कंपनी की ओर से 20 लाख रुपए मुआवजा, इंश्योरेंस क्लेम और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शव को मॉर्चुरी से नहीं उठाया जाएगा।