Video: साले की शादी में भिड़े दोनों जीजा: नोटों की माला को लेकर चले लात-घूंसे, पथराव

नूंह के नहेदा गांव में शादी समारोह के दौरान नोटों की माला और आतिशबाजी को लेकर दो जीजाओं के बीच झगड़ा हुआ, जो मारपीट और पथराव में बदल गया।

Video: साले की शादी में भिड़े दोनों जीजा: नोटों की माला को लेकर चले लात-घूंसे,  पथराव

नूंह में शादी समारोह में जीजाओं के बीच खूनी झड़प
नोटों की माला और आतिशबाजी को लेकर शुरू हुआ विवाद, चला पथराव
बिरादरी में समझौता, पुलिस तक नहीं पहुंची शिकायत


हरियाणा के नूंह जिले में एक शादी समारोह उस समय रणक्षेत्र में बदल गया, जब दिखावे की होड़ में दो जीजा आपस में भिड़ गए। मामला इतना बढ़ गया कि लात-घूंसे और पथराव तक की नौबत आ गई। हालांकि गनीमत रही कि इस झगड़े में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ।

घटना नहेदा गांव की है, जहां पप्पू कुरैशी के बेटे अरमान की शादी का समारोह चल रहा था। बारात पलवल जिले के आली मेव जानी थी। बारात रवाना होने से पहले 'सलाम' की रस्म के दौरान यह विवाद शुरू हुआ।

नूंह में शादी वाले घर के बाहर आपस में चल रही मारपीट।

बताया जा रहा है कि बड़े जीजा नदीम ने दूल्हे को नोटों की माला पहनाई। इसी दौरान छोटे जीजा बूल्लर छत पर चढ़ गया और आतिशबाजी के साथ नोटों की गड्डियां उड़ाने लगा। इस हरकत को बड़े जीजा ने अपना अपमान समझा और दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

देखते ही देखते यह कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और शादी वाले घर में लात-घूंसे चलने लगे। हालात इतने बिगड़े कि लोगों ने एक-दूसरे पर पत्थर भी बरसाने शुरू कर दिए

नूंह में साले की शादी में हुए विवाद में छतों से भी पत्थर बरसाए गए।

मौके पर मौजूद रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर किसी तरह हालात को शांत कराया। इसके बाद समाज के मौजिज लोगों ने दखल देते हुए दोनों पक्षों के बीच बिरादरी स्तर पर समझौता करा दिया।

इस घटना की सूचना पुलिस तक नहीं पहुंची। थाना बिछोर के SHO राजवीर के अनुसार, अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन मामले की जांच कराई जाएगी।

बताया जा रहा है कि मेवात क्षेत्र में शादियों के दौरान नोटों की माला पहनाना और पैसे उड़ाना स्टेटस सिंबल बन चुका है। कई बार लोग अपनी हैसियत से ज्यादा दिखावा करने के लिए कर्ज लेकर भी ऐसा करते हैं।

नहेदा गांव की यह घटना इस बात का उदाहरण बन गई है कि जब दिखावा रिश्तों पर भारी पड़ता है, तो खुशियों का माहौल भी विवाद में बदल जाता है।