सुप्रीम कोर्ट से राहत, 7 महीने बाद जेल से बाहर आए बिक्रम मजीठिया
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया 7 महीने बाद नाभा जेल से रिहा हो गए। समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया, वहीं AAP ने कड़ा बयान दिया।
नाभा जेल से रिहाई, समर्थकों ने मनाया जश्न, AAP ने कहा- बेल से कोई बेकसूर नहीं
➤ सुप्रीम कोर्ट से जमानत के बाद बिक्रम मजीठिया की रिहाई
➤ जेल के बाहर और अमृतसर आवास पर समर्थकों का जोरदार स्वागत
➤ AAP का पलटवार, कहा केस जारी रहेगा, सबूत मजबूत
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया मंगलवार 3 फरवरी को आखिरकार जेल से बाहर आ गए। हालांकि उनकी रिहाई तय समय से कुछ देर से हुई, जिसकी वजह जेल की कानूनी प्रक्रिया और कागजी कार्रवाई बताई गई। इससे पहले मजीठिया की पत्नी गनीव कौर मजीठिया ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी कि वे सुबह करीब 10:30 बजे जेल से बाहर आएंगे। गनीव कौर खुद नाभा जेल के बाहर मौजूद रहीं और अपने पति को रिसीव किया।
जेल से बाहर निकलते ही अकाली दल के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ ने मजीठिया का स्वागत किया। इस दौरान उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी हुई और माहौल पूरी तरह राजनीतिक जोश में नजर आया। वहीं दूसरी ओर अमृतसर स्थित मजीठिया के आवास पर भी ढोल-नगाड़ों के साथ बड़ी संख्या में समर्थक जुटे रहे। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की गई। इससे एक दिन पहले जमानत मिलने की खबर के बाद समर्थकों ने आवास के बाहर आतिशबाजी भी की थी। अकाली दल नेताओं का कहना है कि यह न्याय की जीत है और सच्चाई सामने आई है।
गौरतलब है कि 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में बिक्रम मजीठिया को बड़ी राहत देते हुए जमानत मंजूर की थी। कोर्ट ने मजीठिया पर अपनी ओर से कोई शर्त नहीं लगाई, लेकिन दूसरे पक्ष को ट्रायल कोर्ट में जाकर जरूरत पड़ने पर सख्त शर्तें तय करवाने की छूट दी। इससे पहले मजीठिया ने जमानत के लिए मोहाली कोर्ट और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया था, जहां से उन्हें राहत नहीं मिली थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
7 महीनों से नाभा जेल में थे बंद
बिक्रम सिंह मजीठिया पिछले 7 महीनों से पटियाला की नाभा जेल में बंद थे। 25 जून 2025 को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने अमृतसर स्थित उनके आवास पर छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई थी। इसी दौरान चंडीगढ़ स्थित उनके आवास पर भी विजिलेंस टीम पहुंची थी, जहां प्रवेश को लेकर काफी विवाद हुआ था। आरोप है कि मजीठिया ने नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क के जरिए 500 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जुटाई।
जमानत पर AAP का तीखा बयान
जहां एक ओर अकाली दल और मजीठिया समर्थक इसे न्याय की जीत बता रहे हैं, वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) ने जमानत को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता हरपाल चीमा ने कहा कि जमानत मिलने से कोई व्यक्ति बरी या बेकसूर नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि मजीठिया के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं और मामले की जांच व कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। AAP का साफ कहना है कि केस खत्म नहीं हुआ है, केवल जमानत मिली है।
Akhil Mahajan