रोहतक में नशा मुक्त भारत मुहिम को मिला समर्थन, कुलपति ने किए हस्ताक्षर
रोहतक की स्वीटी मलिक द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्त भारत अभियान को PGI कुलपति सहित कई अधिकारियों का समर्थन मिला। मुहिम का लक्ष्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना है।
• स्वीटी मलिक चला रहीं नशा मुक्त भारत पर हस्ताक्षर मुहिम
• कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल, डॉ. रूप सिंह सहित PGI अधिकारियों ने किए हस्ताक्षर
• युवाओं की भागीदारी और सामाजिक जागरूकता पर दिया गया जोर
रोहतक में नशा मुक्त भारत अभियान को नई ऊर्जा तब मिली जब पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने इस मुहिम से जुड़कर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि नशा शरीर और मन दोनों के लिए घातक है, इसलिए समाज को इससे दूर रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि नशा हमारे लक्ष्य, रिश्तों और स्वास्थ्य पर गहरा प्रहार करता है।
कुलपति ने रोहतक की साइकिलिस्ट स्वीटी मलिक द्वारा चलाए जा रहे अभियान की सराहना की। उनका कहना था कि स्वास्थ्य जगत से जुड़े होने के कारण अधिक से अधिक लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस मुहिम में शामिल होकर समाज को नशे से मुक्त करने में योगदान दें।
कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने कहा कि नशा मुक्त भारत बनाने में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से जागरूकता फैलाने और नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने में सहयोग करने का आग्रह किया। उनके अनुसार नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य समाज को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से परिचित कराना है।
कार्यकारी निदेशक डॉ. अशोक चौहान ने बताया कि पिछले लगभग आठ साल से स्वीटी मलिक और उनकी टीम “ड्रग फ्री हो हमारा भारत” लक्ष्य के साथ लगातार समाज में जागरूकता फैला रही है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने भी आमजन से अपील की कि वे नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।
अपने अभियान के बारे में बताते हुए स्वीटी मलिक ने कहा कि वे डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में अध्यापक हैं। एक बार स्कूल में उन्होंने एक बच्चे को नशे की हालत में देखा, जिससे उनका मन विचलित हुआ। उसी समय उन्होंने संकल्प लिया कि वे नशा मुक्ति का अभियान चलाएंगी। उनके पति रविंद्र मलिक, जो स्वास्थ्य विभाग में हेल्थ इंस्पेक्टर हैं, इस मुहिम में उनका निरंतर सहयोग कर रहे हैं।
स्वीटी मलिक अब तक हरियाणा के राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों से हस्ताक्षर करवाकर नशा छोड़ने की अपील करवा चुकी हैं। वे गांवों और स्कूलों में नुक्कड़ नाटक और व्याख्यानों के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैला रही हैं। कई गांवों में इस अभियान को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और बड़ी संख्या में लोग नशा छोड़ने का संकल्प ले रहे हैं।
कार्यक्रम में डॉ. उमेश यादव और डॉ. योगेश भी मौजूद रहे।
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