तहसीलदार डेढ़ घंटे बंधक: किसान की जमीन नीलामी के विरोध में उग्र प्रदर्शन
फतेहाबाद के नडेल गांव में किसान की जमीन नीलामी के विरोध में प्रदर्शन। किसानों ने नायब तहसीलदार को डेढ़ घंटे बंधक रखा, पुलिस ने छुड़ाया।
➤ 7 लाख का कर्ज बढ़कर 27 लाख होने पर भड़के किसान
➤ नायब तहसीलदार को गांव में डेढ़ घंटे तक रोके रखा
➤ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अधिकारी को सुरक्षित छुड़ाया
फतेहाबाद जिले के जाखल खंड के गांव नडेल में बुधवार को किसान की जमीन नीलामी के आदेश के विरोध में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन एकता उग्रहा के नेतृत्व में किसानों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और इस दौरान जाखल के नायब तहसीलदार को करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाए रखा।
किसान नेताओं ने बताया कि नडेल गांव के एक किसान ने जाखल मंडी के एक आढ़ती से करीब 7 लाख रुपए का कर्ज लिया था। ब्याज जुड़ने के बाद यह रकम बढ़कर करीब 27 लाख रुपए हो गई। कोर्ट ने इस कर्ज की वसूली के लिए किसान की लगभग 4 करोड़ रुपए कीमत की जमीन नीलाम करने के आदेश दिए हैं। किसानों का आरोप है कि इतनी बड़ी जमीन की नीलामी पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
धरना सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक चलता रहा। किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि वे इस विवाद को पंचायत स्तर पर बैठकर सुलझाना चाहते हैं। किसानों ने साफ किया कि किसी भी तरह की जबरदस्ती और धक्केशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोर्ट के आदेशों की कार्रवाई के लिए नायब तहसीलदार रशविन्दर सिंह गांव पहुंचे थे। उन्होंने पंचायत घर में प्रक्रिया शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन जब कोई पक्ष उपस्थित नहीं हुआ तो वे लौटने लगे। इसी दौरान किसानों ने उन्हें रोक लिया और गांव में ही बैठा लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जाखल थाना प्रभारी ने किसानों से बातचीत कर नायब तहसीलदार को सुरक्षित उनके कब्जे से छुड़ाया और कार्यालय तक पहुंचाया।
आढ़ती जगदीश राय ने कहा कि उन्होंने बकाया राशि की वसूली के लिए कोर्ट का सहारा लिया था। कोर्ट ने जमीन नीलाम करने का आदेश दिया है और उनके अनुसार कोर्ट का फैसला सर्वोपरि है, जिसका पालन होना चाहिए।
नायब तहसीलदार रशविन्दर सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि बुधवार को किसी तरह की नीलामी नहीं की गई है। उन्होंने गांव में प्रतिष्ठित लोगों के साथ बैठक की थी और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
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