हरियाणा का पहला बैरियर-फ्री टोल शुरू, बिना रुके कटेगा शुल्क

करनाल के बसताड़ा टोल पर 23 जून से हरियाणा का पहला बैरियर-फ्री MLFF सिस्टम शुरू होगा। वाहन बिना रुके गुजरेंगे और फास्टैग से स्वतः टोल कटेगा।

हरियाणा का पहला बैरियर-फ्री टोल शुरू, बिना रुके कटेगा शुल्क

हरियाणा का पहला बैरियर-फ्री टोल 23 जून से शुरू होगा

बिना रुके कटेगा टोल, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ पर होगा चालान

फास्टैग में बैलेंस नहीं होने पर 72 घंटे में करना होगा भुगतान

हरियाणा में टोल वसूली व्यवस्था अब पूरी तरह हाईटेक होने जा रही है। करनाल स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा प्रदेश का पहला ऐसा टोल बनने जा रहा है, जहां 23 जून से मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके लागू होने के बाद वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने, लाइन में लगने या बैरियर खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

नई व्यवस्था के तहत वाहन सामान्य गति से सीधे टोल क्षेत्र से गुजरेंगे और फास्टैग के जरिए टोल शुल्क स्वतः कट जाएगा। इससे यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और टोल प्लाजा पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।

MLFF यानी मल्टी लेन फ्री फ्लो एक बैरियर-फ्री टोल सिस्टम है। इसमें सड़क के ऊपर लगाए गए गैंट्री स्ट्रक्चर पर हाईटेक कैमरे और सेंसर वाहन की नंबर प्लेट पढ़ते हैं और फास्टैग स्कैन कर स्वतः टोल राशि काट लेते हैं। इसके लिए टोल बूथ और बैरियर की आवश्यकता नहीं होती।

टोल प्लाजा पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे, आरएफआईडी रीडर, लाइडार सेंसर और एक्सल डिटेक्टर लगाए गए हैं। ये वाहन की पहचान, श्रेणी और मूवमेंट को रिकॉर्ड करेंगे। ट्रायल के दौरान 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों को भी सफलतापूर्वक ट्रैक किया गया।

यदि किसी वाहन में फास्टैग नहीं होगा या उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं होगा, तो वाहन की नंबर प्लेट के आधार पर पहचान कर वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजा जाएगा। नोटिस मिलने के बाद 72 घंटे के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर टोल राशि दोगुनी हो सकती है और अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

नई व्यवस्था में नकद भुगतान की सुविधा समाप्त कर दी जाएगी। वाहन चालकों को ऑनलाइन माध्यम से ही भुगतान करना होगा। वहीं टोल चोरी रोकने के लिए हर वाहन की डिजिटल निगरानी की जाएगी। भुगतान नहीं होने पर तुरंत ई-नोटिस या चालान जारी होगा।

यदि कोई चालक नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करता है या बिना नंबर प्लेट के वाहन लेकर गुजरता है, तो सिस्टम उसकी पहचान कर संबंधित विभाग को सूचना भेजेगा। इसके बाद आरटीओ के माध्यम से चालान की कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों के लिए भी विशेष सुविधा प्रस्तावित की गई है। टोल से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निजी वाहन मालिकों को 350 रुपये का मासिक पास मिलेगा। यह पास पूरे कैलेंडर महीने के लिए मान्य होगा और इसमें अनलिमिटेड ट्रिप की सुविधा रहेगी। हालांकि यह सुविधा कॉमर्शियल वाहनों को नहीं मिलेगी।

एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और सरकार द्वारा अधिकृत वाहनों को टोल शुल्क से छूट दी जाएगी। इन वाहनों को ई-नोटिस भी जारी नहीं होगा।

नई तकनीक के लागू होने का असर टोल कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है। एक टोल प्लाजा पर कार्यरत करीब 200 से 250 कर्मचारियों के रोजगार पर असर पड़ने की संभावना है। भविष्य में टोल प्लाजा पर मुख्य रूप से सुरक्षा कर्मी, तकनीकी स्टाफ और प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी ही कार्य करेंगे।