जूनियर नौकायन राष्ट्रीय खिलाड़ी माया धनखड़ की तालाब में डूबने से मौत: अभ्यास के दौरान हादसा
रोहतक के करौंथा गांव की राष्ट्रीय स्तर की जूनियर नौकायन खिलाड़ी माया धनखड़ की तालाब में अभ्यास के दौरान डूबने से मौत हो गई। हाल ही में उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था।
➤ राष्ट्रीय स्तर की जूनियर खिलाड़ी माया धनखड़ की तालाब में डूबने से मौत
➤ अभ्यास के दौरान 100 मीटर चौड़ा तालाब पार करते समय हुआ हादसा
➤ हाल ही में राष्ट्रीय कैनो स्प्रिंट प्रतियोगिता में लिया था हिस्सा
रोहतक जिले के गांव करौंथा की उभरती हुई राष्ट्रीय स्तर की जूनियर नौकायन खिलाड़ी माया धनखड़ (15) की तालाब में डूबने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब वह नियमित अभ्यास के दौरान गांव के बड़े जोहड़ को तैरकर पार कर रही थी। घटना के बाद खेल जगत और गांव में शोक की लहर है।
माया धनखड़ पिछले करीब एक वर्ष से तैराकी और नौकायन का प्रशिक्षण ले रही थीं। उनके पिता जयप्रकाश के अनुसार वह रोजाना सुबह और शाम गांव के बड़े तालाब में अभ्यास करती थीं। सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे नौकायन अभ्यास पूरा करने के बाद वह लगभग 100 मीटर चौड़े तालाब को तैरकर पार करने का प्रयास कर रही थीं।
बताया गया है कि तालाब के बीच पहुंचने पर उनकी सांस फूलने लगी। इस दौरान उन्होंने मदद के लिए आवाज लगाई। मौके पर मौजूद लोगों ने दूसरी नौका की मदद से उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनके पेट में काफी पानी जा चुका था और वह बेहोश हो चुकी थीं।
परिजन और प्रशिक्षक उन्हें तुरंत पीजीआई लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दिखाया था दम
माया धनखड़ का खेल करियर तेजी से आगे बढ़ रहा था। उनके पिता ने बताया कि उन्होंने हाल ही में 36वीं राष्ट्रीय कैनो स्प्रिंट जूनियर एवं सब-जूनियर चैंपियनशिप 2025-26 के चयन ट्रायल में शानदार प्रदर्शन किया था और दूसरे स्थान पर रही थीं। माया, खुशी और रितेश समेत अकादमी के अन्य खिलाड़ियों ने करनाल में आयोजित चयन परीक्षण पास किया था। इसके बाद माया ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया था, जहां उनकी टीम सातवें स्थान पर रही थी।
तीन महीने पहले मिली थी अकादमी को मान्यता
गांव की अंतरराष्ट्रीय स्तर की नौकायन खिलाड़ी पूजा धनखड़ द्वारा संचालित अकादमी में माया प्रशिक्षण ले रही थीं। गांव की करीब 10 से अधिक बेटियां यहां नौकायन सीख रही हैं। परिजनों के अनुसार तीन महीने पहले ही इस अकादमी को खेल विभाग से मान्यता मिली थी। विभाग की ओर से कोच के रूप में पूजा धनखड़ को मानदेय भी दिया जा रहा था।
गांव में शोक का माहौल
माया की असामयिक मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि वह बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी थीं और भविष्य में देश के लिए पदक जीतने का सपना देख रही थीं। उनके निधन से खेल जगत को भी बड़ा झटका लगा है।
Akhil Mahajan