भगवंत मान बोले- VIDEO पूरी तरह फर्जी, मुझे बदनाम करने की साजिश
पंजाब CM भगवंत मान ने वायरल VIDEO को फर्जी बताते हुए भाजपा पर फॉरेंसिक लैब्स पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। LIVE आकर उन्होंने पूरे मामले पर सफाई दी।
➤ CM भगवंत मान ने वायरल VIDEO को पूरी तरह फर्जी बताया
➤ फॉरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देकर BJP पर दबाव बनाने का आरोप लगाया
➤ अकाल तख्त पहले ही वीडियो मामले में मान को गुरु दोषी करार दे चुका है
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर अपने नाम से वायरल हो रहे विवादित वीडियो को लेकर सफाई दी है। बुधवार को सोशल मीडिया पर लाइव आकर उन्होंने दावा किया कि वायरल वीडियो पूरी तरह फर्जी है और राजनीतिक विरोधी उन्हें धर्म के नाम पर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीडियो की फॉरेंसिक जांच में भी उनके होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
भगवंत मान ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से झूठा प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधियों के पास उनके खिलाफ कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए धर्म की आड़ लेकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में न तो उनकी शारीरिक बनावट मेल खाती है और न ही उनके चलने और खड़े होने का तरीका।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीडियो सामने आने के बाद देश और विदेश से बड़ी संख्या में लोगों के फोन और संदेश आए। अधिकांश लोगों ने वीडियो को फर्जी बताया। इसके बाद उन्होंने वीडियो की फॉरेंसिक जांच करवाई, जिसमें भी उनके होने का कोई सबूत नहीं मिला।
ਅਹਿਮ ਮੁੱਦੇ 'ਤੇ LIVE ------ अहम मुद्दे पर LIVE https://t.co/4k1xOa2CCV — Bhagwant Mann (@BhagwantMann) June 24, 2026
BJP पर लगाए गंभीर आरोप
भगवंत मान ने भाजपा पर फॉरेंसिक लैब संचालकों को परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन लैब्स ने वीडियो की जांच की, उनके मालिकों को धमकाया जा रहा है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जांच रिपोर्ट उनके पक्ष में आई तो विरोधियों ने रिपोर्ट को ही फर्जी बताना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए पूरे मामले को जानबूझकर तूल दिया जा रहा है।
SAD, BJP और कांग्रेस पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान भगवंत मान ने शिरोमणि अकाली दल (SAD), भाजपा और कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि तीनों दल मिलकर उनके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर लगातार भ्रामक सामग्री फैलाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोधियों के ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे और वह जनता के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला हमेशा जनता ही करती है।
पहले भी दे चुके हैं सफाई
इससे पहले 18 जून को भी भगवंत मान सोशल मीडिया पर लाइव आए थे। उस समय उन्होंने दो फॉरेंसिक रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए दावा किया था कि वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं हैं। साथ ही उन्होंने पंजाब पुलिस के डीजीपी को पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
क्या है पूरा विवाद
यह विवाद उस वीडियो को लेकर शुरू हुआ जिसमें एक व्यक्ति को सिख गुरुओं की तस्वीरों के सामने आपत्तिजनक हरकतें करते हुए दिखाया गया। कुछ लोगों ने दावा किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान हैं।
वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से राजनीतिक और धार्मिक विवाद में बदल गया। श्री अकाल तख्त साहिब ने मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए भगवंत मान को गुरु दोषी और पंथ विरोधी करार दिया। हालांकि मुख्यमंत्री लगातार इस बात से इनकार करते रहे हैं कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वही हैं।
फिलहाल वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और मामला पंजाब की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
Akhil Mahajan