हरियाणा में प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत, अब दोगुनी होगी LPG सप्लाई
केंद्र सरकार ने हरियाणा समेत राज्यों में प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो FTL LPG सिलेंडरों की सप्लाई दोगुनी कर दी है, जिससे गैस संकट और कालाबाजारी से राहत मिलेगी।
➤ केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए LPG सप्लाई दोगुनी की
➤ हरियाणा समेत राज्यों में 5 किलो FTL सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ी
➤ कालाबाजारी और गैस संकट से राहत मिलने की उम्मीद
केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत देते हुए 5 किलोग्राम वाले FTL (Free Trade LPG) सिलेंडरों की दैनिक आपूर्ति दोगुनी करने का फैसला लिया है। यह निर्णय खास तौर पर हरियाणा समेत उन राज्यों के लिए अहम माना जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक निर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत हैं।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल द्वारा जारी पत्र के अनुसार, अब राज्यों में प्रवासी मजदूरों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले FTL सिलेंडरों की संख्या उनकी औसत दैनिक आपूर्ति से दोगुनी कर दी गई है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह अतिरिक्त कोटा पहले जारी 21 मार्च 2026 के पत्र में तय की गई 20 प्रतिशत सीमा से भी अधिक होगा। इसका मतलब है कि अब राज्यों को पहले से कहीं ज्यादा गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बेहतर होगा।
इस योजना के तहत सिलेंडरों का वितरण राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें तेल विपणन कंपनियां (OMCs) सहयोग करेंगी।
हरियाणा में यह निर्णय विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां निर्माण स्थलों, फैक्ट्रियों और कृषि क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर काम करते हैं। गैस की पर्याप्त उपलब्धता से इन मजदूरों को खाना बनाने में आसानी होगी और उन्हें महंगी दरों पर गैस खरीदने या कालाबाजारी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इसके अलावा, यह फैसला दूरदराज और अस्थायी श्रमिक बस्तियों में रहने वाले मजदूरों के लिए भी राहत लेकर आएगा, जहां अक्सर रसोई गैस की कमी देखी जाती है।
सरकार का यह कदम न केवल सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि प्रवासी श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
Akhil Mahajan