पानीपत में हादसा, 1000KG धागे के बंडल से दबकर 2 मासूम बच्चियों की मौत

पानीपत के धागा गोदाम में 500-500 किलो के दो बंडल गिरने से दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची घायल है। हादसे के समय तीनों अपनी मां के साथ गोदाम में आई थीं।

पानीपत में हादसा, 1000KG धागे के बंडल से दबकर 2 मासूम बच्चियों की मौत

धागा गोदाम में 500-500 किलो के दो बंडल गिरने से 2 बच्चियों की मौत

मां के साथ गोदाम आई थीं तीनों बच्चियां, एक गंभीर घायल

दम घुटने और गंभीर चोट के कारण गई दोनों मासूमों की जान


हरियाणा के पानीपत में गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई। भैंसवाल रोड स्थित श्री लक्ष्मी फैक्ट्री के धागा गोदाम में रखे करीब 500-500 किलोग्राम के दो भारी धागे के बंडल अचानक गिर गए। उस समय तीन छोटी बच्चियां गोदाम में खेल रही थीं। हादसे में दो बच्चियों की मौके पर ही गंभीर हालत हो गई, जबकि तीसरी बच्ची घायल हो गई।

घटना के बाद गोदाम में अफरा-तफरी मच गई। मजदूरों और परिजनों ने तुरंत भारी बंडलों को हटाकर तीनों बच्चियों को बाहर निकाला और इलाज के लिए पानीपत सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने साढ़े चार वर्षीय प्रज्ञा और ढाई वर्षीय सोनम को मृत घोषित कर दिया। घायल रोशनी (5 वर्ष) का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

मां के साथ गोदाम आई थीं बच्चियां

जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चियां अपने माता-पिता के साथ गोदाम में आई थीं। उनके माता-पिता वहीं मजदूरी का काम करते हैं। काम के दौरान बच्चियां पास में खेल रही थीं। इसी दौरान ऊपर रखे धागे के भारी बंडलों का संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे बच्चियों के ऊपर आ गिरे।

दम घुटने से गई दोनों की जान

अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार भारी वजन के नीचे दबने से बच्चियों का दम घुट गया और उन्हें गंभीर चोटें भी आईं। समय रहते अस्पताल पहुंचाने के बावजूद दो मासूमों की जान नहीं बचाई जा सकी। तीसरी बच्ची की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

घर में कोई नहीं था, इसलिए साथ लाई थी बेटी

मृतक प्रज्ञा की मां मूर्ति ने बताया कि उन्होंने इसी वर्ष बेटी का नर्सरी में दाखिला करवाया था। घर पर उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था, इसलिए वह उसे अपने साथ फैक्ट्री के गोदाम में ले आई थीं। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर में इतनी बड़ी दुर्घटना हो जाएगी।

परिवारों में पसरा मातम

हादसे के बाद दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल में परिजनों की चीख-पुकार सुनकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पूरे इलाके में इस हादसे के बाद शोक का माहौल है।

फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि गोदाम में इतने भारी बंडलों को किस तरह रखा गया था और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं।