ज्ञानेश कुमार हैं पीएम मोदी-शाह के ‘अंपायर’! EC विवाद पर राहुल गांधी का हमला, जिजी थॉमसन के दावे से गरमाई सियासत
राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। जिजी थॉमसन के BJP टिकट के दावे और EC की सर्वसम्मति वाली सफाई से विवाद बढ़ा।
➤ राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर राजनीतिक आरोप
➤ जिजी थॉमसन ने 2019 में BJP टिकट के प्रस्ताव का दावा किया
➤ EC ने SIR से जुड़े फैसलों को सभी आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिया बताया
चुनाव आयोग को लेकर चल रहे विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार, जो उस समय कार्यरत IAS अधिकारी थे, उनका इस्तेमाल बीजेपी के लिए लोगों को भर्ती करने में किया गया और बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें ‘अंपायर’ बनाया। राहुल गांधी ने अपने बयान में चुनावों में ‘मैच-फिक्सिंग’ की बात भी कही। ये आरोप राहुल गांधी की ओर से लगाए गए हैं, जबकि चुनाव आयोग हाल के विवाद के बीच स्पष्ट कर चुका है कि SIR समेत उसके फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
इस राजनीतिक विवाद को उस समय और तूल मिला जब केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार ने उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर पथानामथिट्टा सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। थॉमसन के अनुसार, यह बातचीत 2016 में दिल्ली जाने वाली एक फ्लाइट के दौरान हुई थी। उनका दावा है कि उस समय ज्ञानेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और उनसे 2019 में बीजेपी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के बारे में पूछा।
जिजी थॉमसन के दावे के बाद राहुल गांधी का हमला
जिजी थॉमसन के इस दावे के बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार का इस्तेमाल पहले बीजेपी के लिए लोगों को भर्ती करने में किया गया और बाद में उन्हें चुनावों का ‘अंपायर’ बनाया गया। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए और इसे चुनावों में ‘मैच-फिक्सिंग’ से जोड़ा।
हालांकि, जिजी थॉमसन का बयान एक दावा है। उपलब्ध रिपोर्टों में उनके हवाले से बताया गया है कि उन्होंने यह बात अपने अनुभव के तौर पर कही है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि का विवरण इन रिपोर्टों में नहीं दिया गया है। इसलिए इस पूरे मामले में आरोप और आधिकारिक स्थिति को अलग-अलग देखना महत्वपूर्ण है।
EC विवाद के बीच SIR को लेकर भी उठे सवाल
यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब निर्वाचन आयोग के भीतर SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर कथित मतभेदों की रिपोर्टों पर राजनीतिक विवाद चल रहा है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कई फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में ऐसे 14 मौकों का उल्लेख किया गया था।
इन रिपोर्टों के बाद चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि आयोग के भीतर अलग-अलग राय और टिप्पणियां किसी भी संस्थागत प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग के अनुसार, अंतिम फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा कि SIR समेत हाल के महीनों में लिए गए फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के साथ हुए हैं।
आयोग ने क्या कहा
चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि पिछले एक वर्ष में लिए गए फैसले पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णयों का परिणाम हैं। आयोग ने यह भी कहा कि किसी संस्था के भीतर अलग-अलग विचार सामने आना निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा है और अंतिम निर्णय से पहले अधिकारी तथा आयुक्त अपनी राय या सुझाव दे सकते हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने SIR से संबंधित निर्णयों को लेकर सामने आई असहमति की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि अंतिम आदेश और निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे। चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक कामकाज और निर्णय प्रक्रिया का बचाव किया है।
BJP ने राहुल गांधी के आरोपों पर किया पलटवार
चुनाव आयोग के बयान के बाद बीजेपी की ओर से भी राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया आई। बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि SIR के मुद्दे पर चुनाव आयोग का बयान कांग्रेस के दावों पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने राहुल गांधी पर चुनाव आयोग को लेकर गलत प्रचार करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस तथा उसके सहयोगियों को चुनाव जीतने के लिए मेहनत करनी चाहिए।
इस तरह राहुल गांधी के आरोप, जिजी थॉमसन का दावा, चुनाव आयोग की सर्वसम्मति वाली सफाई और बीजेपी का पलटवार—इन चारों बिंदुओं ने चुनाव आयोग को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। फिलहाल एक तरफ विपक्ष आयोग की कार्यप्रणाली और CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं आयोग ने अपने फैसलों को सर्वसम्मत बताया है और बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।
Akhil Mahajan