सोनीपत में घटिया सड़क निर्माण का अनोखा विरोध! दफतर में अधिकारी नहीं मिले तो ग्रामीणों ने थाली में रखे सड़क के टुकड़े और की खाली कुर्सी की आरती
सोनीपत के बड़वासनी में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए। पीडब्ल्यूडी कार्यालय में सड़क के टुकड़ों से प्रदर्शन कर जांच और कार्रवाई की मांग की।
➤ बड़वासनी ट्रिपल आईटी मार्ग पर घटिया सामग्री लगाने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप
➤ एक्सईएन, एसडीओ और जेई नहीं मिले तो पीडब्ल्यूडी कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
➤ छह दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप, सीएम से जांच की मांग
सोनीपत। जिले के बड़वासनी स्थित ट्रिपल आईटी मार्ग पर सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा एक बार फिर सामने आया। जिला पार्षद संजय बड़वासनी के नेतृत्व में ग्रामीण सड़क से उखाड़कर लाए गए तारकोल और निर्माण सामग्री के टुकड़े लेकर पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने इन टुकड़ों को एक थाली में रखकर अधिकारी की कुर्सी के सामने प्रतीकात्मक रूप से आरती उतारी और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है और निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई है। प्रदर्शनकारियों ने सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने और खराब सड़क को दोबारा मानकों के अनुसार बनाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि ट्रिपल आईटी मार्ग पर सड़क निर्माण के दौरान पर्याप्त तरीके से जमीन तैयार नहीं की गई और मिट्टी के ऊपर ही सड़क बना दी गई। उनका दावा है कि सड़क का निर्माण इतना कमजोर है कि कई जगह से मटेरियल हाथ से भी उखड़ रहा है। इसी कथित खराब गुणवत्ता के नमूने के तौर पर ग्रामीण सड़क से उखड़े हुए टुकड़े अपने साथ लेकर पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचे।
अधिकारी नहीं मिले तो कार्यालय के बाहर शुरू किया प्रदर्शन
ग्रामीणों के अनुसार, वे सड़क निर्माण की शिकायत लेकर पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन मौके पर संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं मिले। ग्रामीणों ने बताया कि एक्सईएन प्रशांत कौशिक, एसडीओ और जेई भी कार्यालय में नहीं मिले। इसके बाद ग्रामीणों ने कार्यालय के बाहर ही सड़क से निकाले गए टूटे हुए टुकड़े रख दिए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग उठाई। थाली में सड़क के टुकड़े रखकर कुर्सी की आरती उतारने का तरीका ग्रामीणों ने अधिकारियों के प्रति अपना विरोध जताने के लिए अपनाया।
पार्षद बोले- मिट्टी के ऊपर बना दी सड़क
जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने आरोप लगाया कि ट्रिपल आईटी मार्ग के निर्माण के दौरान पीडब्ल्यूडी का कोई अधिकारी मौके पर नहीं गया। उन्होंने दावा किया कि ठेकेदार ने सड़क निर्माण में घटिया मटेरियल का इस्तेमाल किया और सड़क की नींव के लिए मिट्टी की पर्याप्त सफाई और तैयारी नहीं की गई।
संजय बड़वासनी के अनुसार, सड़क का मटेरियल इतना कमजोर है कि उसे हाथ से भी उखाड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार किया गया होता तो सड़क की गुणवत्ता को लेकर इस तरह की शिकायत सामने नहीं आती।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
जिला पार्षद ने बताया कि उन्होंने सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन प्रशांत कौशिक को शिकायत दी थी। उनके अनुसार, शिकायत के बाद एक्सईएन की ओर से खराब सड़क को उखाड़कर दोबारा बनाने का आश्वासन दिया गया था।
संजय बड़वासनी का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद छह दिन बीत गए, लेकिन सड़क को उखाड़कर दोबारा बनाने की कार्रवाई शुरू नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने दोबारा पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
पहले भी कुछ महीनों में टूट चुकी है सड़क
संजय बड़वासनी ने कहा कि इस मार्ग पर पहले भी सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन वह कुछ ही महीनों में टूट गई थी। अब दोबारा सड़क निर्माण का काम किया जा रहा है और ग्रामीणों का आरोप है कि इस बार भी निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल किए गए मटेरियल की गुणवत्ता की तकनीकी जांच होनी चाहिए। साथ ही यह भी जांच की जानी चाहिए कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और नियमों के अनुसार किया गया है या नहीं।
अधिकारियों और ठेकेदार पर मिलीभगत का आरोप
जिला पार्षद ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और ठेकेदार पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों और ठेकेदार की कथित मिलीभगत के कारण सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कमीशन के चक्कर में सरकारी काम में घटिया निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि, मिलीभगत और कमीशन से जुड़े ये आरोप जिला पार्षद और ग्रामीणों की ओर से लगाए गए हैं, जबकि संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार का पक्ष इस उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।
मुख्यमंत्री से की सड़क निर्माण की जांच की मांग
जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से करते हुए सड़क निर्माण की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क में इस्तेमाल किए गए मटेरियल की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए और यदि निर्माण में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण आम लोगों की सुविधा और सरकारी धन से जुड़ा मामला है, इसलिए इसमें गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सड़क को दोबारा निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं बनाया गया और शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो उनका प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। संजय बड़वासनी ने कहा कि जब तक सड़क निर्माण दोबारा शुरू नहीं कराया जाता और गुणवत्ता से जुड़े सवालों का समाधान नहीं होता, तब तक ग्रामीण अपना विरोध जारी रखेंगे।
अब ग्रामीणों की शिकायत पर पीडब्ल्यूडी की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है और सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच होती है या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
Akhil Mahajan