भिवानी कांग्रेस का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार काे जंजीरें पहनाकर घूमाया ! फिर फूंका पूतला
भिवानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया और ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग की।
भिवानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया
➤ जिला अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने चुनाव प्रक्रिया में ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया
➤ कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई
भिवानी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस की ओर से देशभर में किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों के तहत भिवानी में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग उठाई। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का मुखौटा पहनाकर एक कार्यकर्ता को जंजीरें पहनाकर घुमाया गया और बाद में पुतला फूंका गया।
कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की ओर से प्रत्येक जिले में प्रदर्शन किया जा रहा है और पार्टी चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपने सवाल जनता के बीच उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में ‘वोट चोरी’ हुई है और इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
अनिरुद्ध चौधरी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार जनता के बीच उठा रही है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। उनका कहना है कि यदि चुनावी प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि चुनाव प्रक्रिया में ‘वोट चोरी’ को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप पार्टी के राजनीतिक दावे हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अलग-अलग मौकों पर अपना पक्ष रखा गया है। इसलिए इन आरोपों को फिलहाल कांग्रेस के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए, जब तक संबंधित तथ्यों पर कोई आधिकारिक या न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आता। भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार का नाम दर्ज है।
देशभर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस ने हाल के दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन किए हैं। पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और गिरफ्तारी की मांग के साथ-साथ उनके कार्यकाल में लिए गए चुनाव संबंधी फैसलों तथा मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग भी उठाई गई है।
हरियाणा में भी कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया है। 26 सितंबर 2026 को हरियाणा कांग्रेस ने चंडीगढ़ में प्रदर्शन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग उठाई थी। प्रदर्शन का नेतृत्व हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया था। इस दौरान कांग्रेस ने चुनाव संबंधी फैसलों और मतदाता सूचियों में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग भी रखी थी।
हरियाणा कांग्रेस ने 28 सितंबर 2026 को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने की घोषणा भी की थी। पार्टी की ओर से चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, मतदाता सूचियों में बदलाव और अन्य संबंधित मुद्दों को लेकर विरोध जताने की बात कही गई थी।
चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस लंबे समय से मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाती रही है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कुछ फैसलों में अनियमितताएं हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने अलग-अलग राज्यों में अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्रदर्शन करने के लिए कहा है।
पार्टी की ओर से चुनाव आयोग के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी की जा रही है। वहीं, निर्वाचन आयोग चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सेवाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए आधिकारिक पोर्टल और प्रक्रियाएं संचालित करता है। आयोग की वेबसाइट के अनुसार मतदाता अपने नाम और मतदाता सूची से संबंधित जानकारी ऑनलाइन जांच सकते हैं।
कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर निर्वाचन आयोग की ओर से अलग-अलग मौकों पर स्पष्टीकरण दिए गए हैं। ऐसे में ‘वोट चोरी’ जैसे आरोपों को कांग्रेस के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए, जब तक संबंधित तथ्यों पर आधिकारिक या न्यायिक स्तर पर कोई निष्कर्ष सामने न आए।
भिवानी में कार्यकर्ताओं ने उठाई कार्रवाई की मांग
भिवानी में हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई की मांग उठाई। ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है और इसे लगातार जनता के बीच उठाया जाएगा।
उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव व्यवस्था में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का मुखौटा पहनाए गए कार्यकर्ता को जंजीरें पहनाकर घुमाने और इसके बाद पुतला फूंकने का दृश्य भी प्रदर्शन का प्रमुख हिस्सा रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
चुनावी प्रक्रिया पर बहस के बीच सामने आया प्रदर्शन
भिवानी का यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब हरियाणा कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार विरोध जता रही है। चंडीगढ़ में 26 सितंबर को हुए प्रदर्शन में भी कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और गिरफ्तार करने की मांग के साथ उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए चुनाव संबंधी फैसलों और मतदाता सूचियों में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग रखी थी।
वहीं, निर्वाचन आयोग की आधिकारिक व्यवस्था के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, विवरण में सुधार, स्थानांतरण और अन्य सेवाओं के लिए ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध हैं। आयोग की वेबसाइट पर मतदाताओं को अपने नाम और चुनाव संबंधी जानकारी की जांच करने की सुविधा भी दी गई है।
फिलहाल भिवानी में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान लगाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोप राजनीतिक आरोप हैं। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इन आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक जांच या न्यायिक निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगी।
Akhil Mahajan