इनेलो की जमीन खिसक गई: नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा
रोहतक में भूपेंद्र हुड्डा ने अभय चौटाला और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। भगत सिंह जयंती पर शहीदों को नमन करते हुए लोकतंत्र और चुनाव पर बयान दिया।
➤ हुड्डा ने अभय चौटाला पर साधा निशाना, इनेलो के राजनीतिक आधार पर सवाल उठाए
➤ भगत सिंह जयंती पर शहीदों को किया नमन, परिवार के पुराने संबंधों का किया जिक्र
➤ चुनाव आयोग पर फिर सवाल, वोट चोरी के आरोप दोहराकर कांग्रेस के प्रदर्शन की बात कही
रोहतक। पूर्व मुख्यमंत्री और हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोमवार को इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला पर निशाना साधते हुए कहा कि इनेलो की जमीन खिसक चुकी है और उसके पास अब कोई काम नहीं बचा है। हुड्डा ने यह बात रोहतक में अपने राजनीतिक बयानों के दौरान कही। अभय चौटाला ने इससे एक दिन पहले नूंह में इनेलो की सम्मान दिवस रैली में कांग्रेस और भाजपा दोनों पर निशाना साधते हुए इनेलो को सत्ता में लाने की बात कही थी। उन्होंने कांग्रेस को भाजपा की ‘बी टीम’ भी बताया था।
हुड्डा ने शहीद भगत सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश के शहीदों के बलिदान की वजह से आज भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम है। उन्होंने कहा कि शहीदों के संघर्ष की वजह से देश में इलेक्शन कमीशन से लेकर प्रजातंत्र तक की व्यवस्था बनी है। हुड्डा ने इस मौके पर भगत सिंह के परिवार के साथ अपने परिवार के पुराने संबंधों का भी उल्लेख किया।
भगत सिंह के परिवार से पुराने संबंधों का किया जिक्र
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भगत सिंह के परिवार का उनके परिवार के साथ गहरा संबंध रहा है। उन्होंने बताया कि भगत सिंह के चाचा सरदार अजीत सिंह के समय से उनके परिवारों के बीच संबंध रहे हैं। हुड्डा ने कहा कि पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन के दौर में भगत सिंह के चाचा उनके गांव में उनके दादा के साथ रुके थे।
हुड्डा परिवार की ओर से पहले भी पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन में सरदार अजीत सिंह और चौधरी मातू राम के साथ होने का उल्लेख किया जाता रहा है। हुड्डा परिवार के एक आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट की पोस्ट में भी 1907 के आंदोलन में दोनों के साथ खड़े होने और उन्हें काले पानी की सजा मिलने का दावा किया गया था।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ फिर खोला मोर्चा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ भी अपना हमला जारी रखा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है और इन सवालों के जवाब सामने आने चाहिए। हरियाणा कांग्रेस ने हाल में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन भी किया है। 26 सितंबर को चंडीगढ़ में कांग्रेस के प्रदर्शन का नेतृत्व हुड्डा और हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने किया था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और चुनाव से जुड़े फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की थी।
हुड्डा ने कहा कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर रही है। उनका कहना है कि चुनाव से जुड़े सवालों पर पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। कांग्रेस की ओर से हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाता सूची और मतदान प्रतिशत से जुड़े आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
वोट चोरी के आरोप को फिर दोहराया
हुड्डा ने एक बार फिर ‘वोट चोरी’ का आरोप दोहराते हुए कहा कि राहुल गांधी ने इस मुद्दे को सामने लाकर इसे साबित किया है। उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास कोई मुद्दा नहीं है। हालांकि, चुनाव में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ से जुड़े आरोप राजनीतिक दावे हैं, जबकि चुनाव आयोग और संबंधित संस्थाओं की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग पक्ष सामने आते रहे हैं। इसलिए इन दावों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
सितंबर में हुड्डा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के मतदान प्रतिशत और मतदाता सूची में कथित विसंगतियों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग के सामने कई सवाल रखे, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिले। इसी मुद्दे को लेकर हरियाणा कांग्रेस ने चुनाव आयोग कार्यालय के घेराव का भी ऐलान किया था।
अभय चौटाला ने भी कांग्रेस पर लगाए थे आरोप
भूपेंद्र हुड्डा के बयान से पहले अभय सिंह चौटाला ने नूंह में इनेलो की सम्मान दिवस रैली में कांग्रेस और भाजपा दोनों पर निशाना साधा था। उन्होंने दावा किया था कि इनेलो भाजपा को सत्ता से बाहर रखने और कांग्रेस को सत्ता से दूर रखने के लिए अभियान चलाएगी। चौटाला ने कांग्रेस को भाजपा की ‘बी टीम’ बताया और हुड्डा पर 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के साथ कथित राजनीतिक समझौते के आरोप लगाए थे। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अभय चौटाला ने नूंह की रैली में यह भी कहा था कि वह और इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा नवंबर में प्रदेशभर में गांव-गांव जाकर अभियान चलाएंगे। उन्होंने इनेलो को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक अभियान को आगे बढ़ाने की बात कही थी।
Akhil Mahajan