CM सैनी से भी नहीं बनी बात, टी-कनेक्शन की मांग पर अड़े चानौत के ग्रामीण

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और चानौत संघर्ष समिति की बैठक बेनतीजा रही। ग्रामीण भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन की मांग पर अड़े हैं और आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

CM सैनी से भी नहीं बनी बात, टी-कनेक्शन की मांग पर अड़े चानौत के ग्रामीण

मुख्यमंत्री से बैठक के बाद भी नहीं निकला कोई समाधान

ग्रामीण बोले- अलग पाइपलाइन नहीं, भाखड़ा से ही चाहिए टी-कनेक्शन

धरनास्थल पर कमेटी से ग्रामीणों ने किए तीखे सवाल, आंदोलन जारी रहेगा


हिसार जिले के चानौत गांव में भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई बैठक भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। बैठक के बाद जब संघर्ष समिति के सदस्य धरनास्थल पर लौटे तो ग्रामीणों ने उनसे वार्ता के परिणाम को लेकर तीखे सवाल किए और अपनी नाराजगी जाहिर की।

संघर्ष समिति के सदस्य अनूप चानौत ने ग्रामीणों को बताया कि मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, उपायुक्त डॉ. राहुल नरवाल, हांसी विधायक विनोद भयाना और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार भी मौजूद रहे।

चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची गांव चनौत के धरना कमेटी।

मुख्यमंत्री ने टी-कनेक्शन से किया इनकार

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अमृत-2 योजना के तहत हांसी शहर के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन से गांव को टी-कनेक्शन देना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि गांव की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए खरकड़ी नहर से 10 इंच की अलग पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से विकास कार्यों पर ध्यान देने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि गांव के हितों से जुड़ी सभी आवश्यक योजनाएं सरकार पूरी करेगी। उन्होंने यह भी सहमति जताई कि हिसार दौरे के दौरान वह स्वयं चानौत गांव पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद करेंगे।

ग्रामीण बोले- हमें सिर्फ टी-कनेक्शन चाहिए

मुख्यमंत्री के प्रस्ताव से ग्रामीण संतुष्ट नहीं दिखे। धरनास्थल पर ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि अलग पाइपलाइन का प्रस्ताव पहले भी स्वीकार किया जा चुका था, लेकिन उनकी मूल मांग आज भी भाखड़ा पाइपलाइन से सीधे टी-कनेक्शन की ही है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल चानौत गांव का नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों और किसानों का मुद्दा है। उनका मानना है कि टी-कनेक्शन से ही गांव को स्थायी और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है।

रोधी खाप संभालेगी आंदोलन की कमान

धरनास्थल पर ग्रामीणों ने घोषणा की कि अब आंदोलन का नेतृत्व रोधी खाप करेगी। शुक्रवार को सभी ग्रामीण दोबारा धरनास्थल पर एकत्रित होकर आगामी रणनीति तय करेंगे और आंदोलन के अगले चरण का फैसला लिया जाएगा।

चार दौर की वार्ता भी रही बेनतीजा

इससे पहले भी ग्रामीणों की शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, मंत्री रणबीर सिंह गंगवा और आईजी कुलदीप सिंह के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। सभी बैठकों में सरकार ने यही स्पष्ट किया कि अमृत-2 योजना की पाइपलाइन से टी-कनेक्शन देना तकनीकी रूप से संभव नहीं है।

सरकार ने विकल्प के तौर पर जल जीवन मिशन के तहत खरकड़ी हेड या राजली हेड से अलग पाइपलाइन, अलग बिजली लाइन, जनरेटर बैकअप और अतिरिक्त 50 हॉर्स पावर मोटर लगाने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन ग्रामीण अभी भी अपनी मूल मांग पर कायम हैं।

मंत्री गंगवा ने भी दोहराया था सरकार का पक्ष

बुधवार को हांसी में आयोजित प्रेसवार्ता में कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने भी कहा था कि वर्तमान भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन देना योजनागत और तकनीकी रूप से संभव नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि यदि ग्रामीण अलग पाइपलाइन के प्रस्ताव पर सहमत होते हैं तो गांव को प्राथमिकता के आधार पर पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।