दादी की मौत का बहाना बनाकर घूमने गया ASI सस्पेंड, सोशल मीडिया की तस्वीरों से खुली पोल
दादी के निधन का बहाना बनाकर छुट्टी लेने वाला ASI परिवार के साथ घूमता मिला। सोशल मीडिया की तस्वीरों ने पूरी कहानी बदल दी और विभाग ने तत्काल कार्रवाई कर दी।
➤ दादी के निधन का हवाला देकर छुट्टी लेने वाला ASI सस्पेंड
➤ फैमिली संग वैकेशन की तस्वीरों ने खोली झूठ की पोल
➤ SHO की कॉल नहीं उठाई, 30 दिन में जांच रिपोर्ट तलब
हरियाणा के नूंह जिले में पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता का एक मामला सामने आया है। तावड़ू सदर थाने में तैनात असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) अनिल कुमार को झूठी जानकारी देकर छुट्टी लेने और विभागीय कर्तव्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने अपनी दादी के निधन का बहाना बनाकर छुट्टी ली, लेकिन इस दौरान परिवार के साथ घूमने चले गए।
मामले का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया पर उनकी परिवार के साथ घूमने की तस्वीरें सामने आईं। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद नूंह के पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने उन्हें निलंबित करते हुए नियमित विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए।
दादी के निधन का हवाला देकर ली छुट्टी
एसपी कार्यालय के आदेश के अनुसार, 8 जून को एएसआई अनिल कुमार ने अपनी दादी के निधन की सूचना देकर घर जाने की अनुमति ली थी। उन्हें अगले दिन ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह तय समय पर वापस नहीं आए और करीब 11 दिन तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहे।
SHO की कॉल तक नहीं उठाई
थाना प्रभारी ने कई बार फोन कर उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल या तो बंद मिला या कॉल का जवाब नहीं दिया गया। 19 जून को ड्यूटी पर लौटने के बाद अनिल कुमार ने सफाई दी कि दादी के निधन से जुड़े कार्यक्रमों में व्यस्त होने के कारण वह फोन नहीं उठा सके।
सोशल मीडिया की तस्वीरों से खुली पोल
विभागीय जांच के दौरान पुलिस को एएसआई के मोबाइल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परिवार के साथ घूमने की तस्वीरें मिलीं। इन तस्वीरों के आधार पर संदेह गहरा गया कि छुट्टी का वास्तविक कारण पारिवारिक शोक नहीं बल्कि निजी यात्रा थी।
जांच में यह भी सामने आया कि जिस महिला के निधन का हवाला देकर छुट्टी ली गई थी, वह उनकी वास्तविक दादी भी नहीं थीं।
लंबित मिलीं कई जांच फाइलें
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि एएसआई के पास कई शिकायतें और जांच फाइलें लंबित थीं, जिनका समय पर निस्तारण नहीं किया गया। इसे विभागीय लापरवाही मानते हुए एसपी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नूंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया है और 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
साइबर कोर्स कर चुका, फिटनेस का भी शौकीन
अनिल कुमार ने वर्ष 2024 में साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एंड साइबर फोरेंसिक का प्रशिक्षण लिया था। सोशल मीडिया प्रोफाइल के अनुसार वह फिटनेस के प्रति भी जागरूक हैं और पिछले वर्ष लगभग 15 किलोग्राम वजन कम करने की जानकारी भी साझा कर चुके हैं।
एसपी डॉ. अर्पित जैन ने स्पष्ट किया है कि विभाग में अनुशासनहीनता, गलत जानकारी देकर छुट्टी लेने और कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Akhil Mahajan