हिमाचल में सरकारी नौकरी के लिए एंटी-चिट्टा टेस्ट होगा अनिवार्य: नशे के खिलाफ सरकार का बड़ा फैसला

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सभी सरकारी भर्तियों में एंटी-चिट्टा टेस्ट अनिवार्य करने की घोषणा की है। एंटी-चिट्टा दिवस पर 13.28 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ भी नष्ट किए गए।

हिमाचल में सरकारी नौकरी के लिए एंटी-चिट्टा टेस्ट होगा अनिवार्य: नशे के खिलाफ सरकार का बड़ा फैसला

हिमाचल में सभी सरकारी भर्तियों के लिए एंटी-चिट्टा टेस्ट अनिवार्य होगा

13.28 करोड़ रुपए के जब्त मादक पदार्थ वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किए गए

नशा तस्करों के साथ किंगपिन पर भी होगी वित्तीय जांच के जरिए कार्रवाई


हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ अभियान को और अधिक सख्त बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। कार्यकारी मुख्य सचिव के.के. पंत ने घोषणा की है कि भविष्य में प्रदेश में होने वाली सभी सरकारी भर्तियों के लिए एंटी-चिट्टा टेस्ट अनिवार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है और इस अभियान की प्रगति के आधार पर सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) के प्रदर्शन का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस के अवसर पर आयोजित 'एंटी-चिट्टा दिवस' कार्यक्रम के दौरान की गई। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पुलिस और राज्य सरकार ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 10 अलग-अलग स्थानों पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्त किए गए लगभग 13.28 करोड़ रुपए के अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य वाले मादक पदार्थों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया।

के.के. पंत ने कहा कि प्रदेश में लगातार चिट्टे की बड़ी खेपें पकड़ी जा रही हैं। अब पुलिस केवल तस्करों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन के माध्यम से नशे के नेटवर्क के पीछे बैठे किंगपिन तक पहुंचकर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।

एडीजीपी ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि हाल ही में दिल्ली में आयोजित NCORD (National Conference on Drug Law Enforcement) बैठक में भी इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चिट्टा मुख्य रूप से पंजाब के रास्ते हिमाचल पहुंच रहा है। इसे रोकने के लिए हिमाचल पुलिस केंद्रीय एजेंसियों और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय बनाकर लगातार कार्रवाई कर रही है।

उन्होंने बताया कि इंटर-स्टेट ड्रग सचिवालय के गठन के बाद राज्यों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और कार्रवाई पहले से अधिक प्रभावी हुई है। पुलिस अब केवल तस्करों ही नहीं बल्कि नशा नेटवर्क के पूरे तंत्र पर नजर रख रही है।

कार्यकारी डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं उत्तराखंड में निहंगों से जुड़े मामले पर उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और दोनों राज्यों की पुलिस लगातार संपर्क में रहकर सीमा क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।

कार्यक्रम के दौरान हिमाचल प्रदेश पुलिस ने प्रदेशवासियों से अपील की कि यदि किसी को चिट्टा या अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण या सेवन से जुड़ी कोई जानकारी मिले तो वह तुरंत 112 या अपने नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई होगी।