आईडीएफसी फर्स्ट बैंक केस में करनाल तक पहुंची जांच, आढ़तियों और मार्केट कमेटी रिकॉर्ड की पड़ताल
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक केस में ईडी की 14 जगह कार्रवाई के बाद करनाल में चार टीमों की जांच, मार्केट कमेटी रिकॉर्ड और आढ़तियों पर कार्रवाई की सूचना सामने आई।
➤ आईडीएफसी फर्स्ट बैंक केस में ईडी की 14 जगहों पर कार्रवाई
➤ करनाल में चार टीमों के पहुंचने की स्थानीय सूचना
➤ मार्केट कमेटी रिकॉर्ड और अनाज मंडी के आढ़तियों पर जांच
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले की जांच में हरियाणा में कार्रवाई का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है। 29 सितंबर को प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई हरियाणा सरकार से जुड़े बैंक खातों में कथित तौर पर हुई 645 करोड़ रुपये की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई।
एक के मुताबिक, ईडी की कार्रवाई में कई ज्वेलर्स और उनसे जुड़ी संस्थाओं को जांच के दायरे में लिया गया। एजेंसी ने मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेल्स, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, शाम ज्वेलर्स और सुंदर ज्वेलर्स समेत कई परिसरों की तलाशी ली। ईडी का आरोप है कि कथित तौर पर गबन की रकम को अलग-अलग खातों और कारोबारी लेनदेन के जरिए घुमाकर वैध कारोबार के रूप में दिखाने की कोशिश की गई।
इसी मामले में सीबीआई की जांच भी जारी है। सीबीआई ने 2 सितंबर को मामले में 19 आरोपियों के खिलाफ तीसरी चार्जशीट दाखिल की थी। एजेंसी के अनुसार, मामला हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये के कथित गबन से जुड़ा है। जांच में IDFC First Bank और AU Small Finance Bank से जुड़े अधिकारियों तथा हरियाणा सरकार के अधिकारियों समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।
अब करनाल में चार टीमों के पहुंचने और मार्केट कमेटी कार्यालय के रिकॉर्ड खंगाले जाने की स्थानीय सूचना सामने आई है। उपलब्ध सूचना के अनुसार, जांच टीमों ने मार्केट कमेटी दफ्तर के रिकॉर्ड की जांच शुरू की है। इसके साथ ही अनाज मंडी में कुछ आढ़तियों के परिसरों पर भी कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। इस स्थानीय कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल उपलब्ध स्रोतों में स्पष्ट नहीं है, इसलिए इसे प्रारंभिक सूचना के तौर पर देखा जा रहा है।
मामले की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि कथित तौर पर सरकारी धन का लेनदेन किन खातों और संस्थाओं के माध्यम से हुआ और रकम की आगे की गतिविधि क्या रही। सीबीआई के अनुसार, जांच में कई बैंक खातों के जरिए रकम को आगे भेजे जाने और बाद में उसे अन्य माध्यमों में परिवर्तित किए जाने के आरोप सामने आए हैं।
सीबीआई पहले भी करनाल से जुड़ी तलाशी कर चुकी है। जून 2026 में एजेंसी ने पंचकूला नगर निगम से जुड़े कथित 79.46 करोड़ रुपये के बैंकिंग फ्रॉड मामले में तत्कालीन अधिकारी राम कुमार सिंह के चंडीगढ़ और करनाल स्थित आवासों पर तलाशी की थी।
मौजूदा कार्रवाई के बाद अब करनाल की अनाज मंडी, आढ़तियों और मार्केट कमेटी के रिकॉर्ड को लेकर जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर नजर बनी हुई है। आधिकारिक जांच में सामने आने वाले दस्तावेज और एजेंसियों की आगे की कार्रवाई से ही यह स्पष्ट होगा कि करनाल में जांच का इस बैंक फ्रॉड केस से क्या सीधा संबंध है।
Akhil Mahajan