हरियाणा में रिटायर्ड DGP ओपी सिंह की फिर एंट्री,SANKALP के CEO बने, CM सैनी होंगे मुखिया

हरियाणा में रिटायर्ड DGP ओपी सिंह को SANKALP का CEO बनाया गया है। CM नायब सिंह सैनी अध्यक्ष होंगे। संस्था 11 विभागों के साथ नशामुक्ति पर काम करेगी।

हरियाणा में रिटायर्ड DGP ओपी सिंह की फिर एंट्री,SANKALP के CEO बने, CM सैनी होंगे मुखिया

रिटायर्ड DGP ओपी सिंह को नई एंटी-ड्रग संस्था SANKALP का CEO बनाया गया
➤ CM नायब सिंह सैनी होंगे सोसाइटी के अध्यक्ष, 11 विभागों के बीच होगा समन्वय
➤ 2025 में हरियाणा में 3,738 NDPS केस दर्ज, 6,801 लोग हुए गिरफ्तार

चंडीगढ़। हरियाणा में रिटायर्ड DGP ओपी सिंह की सरकारी व्यवस्था में एक बार फिर एंट्री हुई है। हरियाणा सरकार ने उन्हें नई एंटी-ड्रग संस्था SANKALP Society का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक यह नई सोसाइटी राज्य में नशे की रोकथाम, जागरूकता, उपचार, पुनर्वास और नशे के खिलाफ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का काम करेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस सोसाइटी के अध्यक्ष होंगे।

SANKALP का पूरा नाम Substance Abuse and Narcotics Knowledge, Awareness and Liberation Programme है। इसका गठन हरियाणा सरकार की ओर से गजट में प्रकाशित अधिसूचना के जरिए किया गया है। सोसाइटी का मुख्य फोकस युवाओं में नशे की शुरुआत को रोकना, नशे की मांग और आपूर्ति दोनों को कम करना तथा गांवों और शहरी वार्डों को नशामुक्त बनाने की दिशा में काम करना है।

11 विभागों को एक साझा एंटी-ड्रग योजना से जोड़ेगी SANKALP

नई सोसाइटी राज्य के अलग-अलग विभागों और संस्थानों को एक साझा एंटी-ड्रग कार्यक्रम के तहत जोड़ेगी। इसमें पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक न्याय और ग्रामीण संस्थानों के साथ कई अन्य विभागों की भूमिका तय की गई है। अधिसूचना के अनुसार SANKALP 11 विभागों के बीच समन्वय करेगी।

इनमें गृह, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, महिला एवं बाल विकास, शहरी स्थानीय निकाय, विकास एवं पंचायत तथा कानून एवं विधायी विभाग सहित अन्य संबंधित विभाग शामिल हैं। संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिव सोसाइटी के पदेन सदस्य होंगे।

हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) के अतिरिक्त महानिदेशक सोसाइटी के सदस्य-सचिव के तौर पर काम करेंगे। वहीं मुख्य सचिव या मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव स्तर का अधिकारी सोसाइटी का उपाध्यक्ष होगा।

ओपी सिंह तीन साल तक संभालेंगे CEO की जिम्मेदारी

रिटायर्ड DGP ओपी सिंह को SANKALP का CEO बनाया गया है और वह इस पद पर तीन साल तक रहेंगे। ओपी सिंह 31 दिसंबर 2025 को पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। वह 1992 बैच के IPS अधिकारी हैं और हरियाणा में पुलिस तथा नशा विरोधी अभियानों से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं।

ओपी सिंह पहले हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) के प्रमुख रह चुके हैं। इसके अलावा वह पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार में विशेष सलाहकार के तौर पर भी काम कर चुके हैं। DGP के तौर पर अतिरिक्त कार्यभार संभालने के दौरान भी वह सार्वजनिक चर्चा में रहे थे।

वह दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के बहनोई भी हैं।

युवाओं में नशे की शुरुआत रोकना पहली प्राथमिकताओं में

SANKALP की प्राथमिकताओं में युवाओं को नशे से दूर रखना प्रमुख रूप से शामिल है। सोसाइटी का एक अहम लक्ष्य 25 वर्ष से कम उम्र के लोगों में पहली बार दर्ज होने वाले NDPS मामलों में कमी लाना है। इसके लिए 2025-26 के आंकड़ों को आधार बनाकर प्रगति मापी जाएगी।

सोसाइटी गांव, वार्ड, स्कूल, कॉलेज और कार्यस्थल स्तर पर नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाएगी। इसमें युवा क्लब, स्थानीय प्रभावशाली लोग, धार्मिक नेता, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और जमीनी संस्थाओं को भी जोड़ा जाएगा। स्कूल और कॉलेजों में नशे से बचाव, नशे के खिलाफ जागरूकता और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित शिक्षा को भी कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।

नशामुक्त गांव और वार्ड बनाने की योजना

SANKALP के तहत “SANKALP-certified Nasha Mukt Villages and Wards” बनाने और उनकी स्थिति बनाए रखने पर भी काम होगा। ग्राम पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों और जिला प्रशासन को इसमें महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी। पंचायतों और शहरी निकायों को नशामुक्त प्रमाणन के लिए टूलकिट और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

सोसाइटी के पहले साल के लिए तीन प्रमुख प्राथमिकताएं तय की गई हैं। इनमें 25 वर्ष से कम उम्र के लोगों में पहली बार दर्ज होने वाले NDPS मामलों में कमी, राज्यभर में नशामुक्ति और काउंसलिंग की प्रभावी क्षमता तैयार करना तथा ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों को SANKALP-certified Nasha Mukt Villages and Wards के रूप में प्रमाणित करना शामिल है।

इन लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा सोसाइटी और उसकी कार्यकारी समिति की प्रत्येक बैठक में प्राथमिकता के साथ की जाएगी। यह प्रगति वार्षिक प्रदर्शन रिपोर्ट का भी हिस्सा होगी।

SANKALP के पास पुलिस जैसी कार्रवाई की शक्तियां नहीं होंगी

नई सोसाइटी नशे के खिलाफ विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय करेगी, लेकिन उसके पास खुद जांच, तलाशी, जब्ती, गिरफ्तारी या हिरासत की शक्तियां नहीं होंगी। ये अधिकार NDPS Act, PIT-NDPS Act और अन्य संबंधित कानूनों के तहत अधिकृत एजेंसियों के पास ही रहेंगे।

SANKALP का काम अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाना, आंकड़ों की समीक्षा करना, जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करना, एजेंसियों के बीच अलर्ट जारी करना और कार्रवाई के बाद की स्थिति पर नजर रखना होगा। इसके अलावा सोसाइटी Narcotics Control Bureau, Central Bureau of Narcotics, Customs, Railways और सीमा सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों के साथ भी समन्वय करेगी। HSNCB को नोडल एजेंसी की भूमिका दी गई है।

हर महीने होगी समीक्षा, बनेगा राज्य स्तर का डैशबोर्ड

SANKALP की कार्यकारी समिति सोसाइटी के कामकाज का संचालन करेगी। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास, सूचना एवं जनसंपर्क, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, आबकारी एवं कराधान, खेल, कौशल विकास और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

कार्यकारी समिति की कम से कम महीने में एक बैठक होगी और इसमें मासिक प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। जिला स्तर पर उपायुक्तों की अध्यक्षता वाली NCORD समितियां District SANKALP Coordination Committees के रूप में काम करेंगी और हर महीने की रिपोर्ट राज्य स्तर के डैशबोर्ड के लिए भेजेंगी।

सोसाइटी जरूरत के अनुसार Data and Analytics Unit भी बना सकती है। इसके जरिए राज्य का डैशबोर्ड, State Narcotics Risk Index और संबंधित डेटा सिस्टम तैयार किए जा सकते हैं। इसके अलावा बेसलाइन सर्वे, समय-समय पर आकलन, रिसर्च और प्रभाव मूल्यांकन तथा वार्षिक राज्य ड्रग स्टेटस रिपोर्ट तैयार करने का भी प्रावधान है।

SANKALP के लिए अलग फंड की व्यवस्था

सोसाइटी के लिए एक SANKALP Fund भी बनाया जाएगा। इसमें राज्य बजट से मिलने वाली राशि के अलावा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड, केंद्र सरकार के अनुदान, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और दानदाता संस्थानों से मिलने वाली राशि तथा दान और एंडोमेंट शामिल हो सकते हैं।

2025 में हरियाणा में 3,738 NDPS केस दर्ज

हरियाणा में नशे के खिलाफ कार्रवाई के बीच वर्ष 2025 में NDPS Act के तहत 3,738 प्राथमिकी दर्ज की गईं और 6,801 लोगों को गिरफ्तार किया गया। नई SANKALP व्यवस्था का उद्देश्य केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय नशे की रोकथाम, जागरूकता, उपचार, पुनर्वास और समाज की भागीदारी को एक साझा ढांचे में लाना है।